दीवाली पर भाभी की अतृप्त चुत चुदाई हुई- 2 (Hot Bhabhi Ki Mast Chudai)

हॉट भाभी की मस्त चुदाई में पढ़ें कि कैसे मैंने एक सेक्सी भाभी से दोस्ती की और मैं उनके घर पहुँच गया. वहां भाभी ने अपने फिसड्डी पति की दास्तान सुनायी तो …

हैलो फ्रेंड्स, मैं सृजन भाभी की अतृप्त चुत की चुदाई की कहानी में आपका स्वागत करता हूँ.
हॉट भाभी की मस्त चुदाई के पहले भाग
सेक्सी भाभी से बात करने की हिम्मत की
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं भाभी के घर में उनका लैपटॉप सुधार रहा था. भाभी नहाने गई थीं और मैंने उनके लैपटॉप में ब्लू फिल्मों का खासा कलेक्शन देखा, तो मैं ब्लू-फिल्म देखने लगा. तभी भाभी आ गईं और उन्होंने मुझे एक झापड़ जड़ दिया.

अब आगे हॉट भाभी की मस्त चुदाई:

मैं झापड़ खाकर ड्राइंग रूम में पहुंच चुका था.
वो जल्दी जल्दी मेरे पास आ गईं.

भाभी मेरा हाथ पकड़ कर बोली- अरे सॉरी यार … मैंने गुस्से में चांटा मार दिया. प्लीज मुझे माफ़ कर दो, मेरा तुम्हें मारने का कोई इरादा नहीं था. दरअसल इस पोर्न वीडियोज ने मेरी जिंदगी खराब कर दी है, इसलिए मुझसे तुम्हें पोर्न देखते हुए गुस्सा आ गया था. चलो वहीं कमरे में वापस चलो, प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.

वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे वहीं पहले वाले कमरे में ले गईं.

मैंने अपने आपको संभाला और भाभी से पूछा- अब आप मुझे डिटेल में बताओ कि आपकी क्यों जिंदगी खराब हुई है?

भाभी रोते रोते बताने लगीं- मेरी अरेंज मैरिज है और मैरिज हुए 4 साल हो गए हैं. अभी मेरी उम्र 32 साल की है और मेरे पति की 35 साल है. मेरे पति का अच्छा खासा बिजनेस है. हम पहले यहां से दूर एक छोटे से शहर में रहते थे, वहां पर हम साथ में ही रहते थे. मेरे पति के पैरेंट्स, भाई-बहन सब एक ही घर में रहते थे.

वे आगे बोली- वहां पर भी हमारा कारोबार ठीक ही चल रहा था. पर जब से मेरे देवर की शादी हो गई … तो मेरी, अपनी देवरानी के साथ बनती नहीं है. हर रोज घर में झगड़े होते रहते थे. मेरी सासु मां भी उसकी साइड लेती हैं क्योंकि वो मुझसे ज्यादा दहेज लेकर आई थी.

भाभी ने और बताया- ऐसे ही झगड़ों के चलते एक दिन घर में जायदाद का बंटवारा हो गया. मेरे पति ने अपना कुछ हिस्सा बेच दिया और बड़े शहर में ज्यादा बिजनेस हो पाए, उस वजह से हम दोनों यहां सूरत में आ बसे. यहां पर हमने घर भी ले लिया और बिज़नेस भी ज्यादा अच्छे से सैट हो गया है.

मैंने कहा- चलो ये तो अच्छी बात है …. इसमें कहां कुछ ग़लत है. ये तो अच्छा ही हुआ, अब यहां पर आप दोनों सुकून से रह पाओगे.
वो बोली- हां यहां पर कोई प्राब्लम नहीं है … बस प्रॉब्लम मेरे पति में है.

मैंने कहा- मतलब … जरा ठीक से बताओ भाभी!

भाभी बोलीं- ओके ध्यान से सुनो. मेरे पति को पोर्न वीडियोज देखने की लत लग गई है. वो मेरे साथ सेक्स करने से पहले पोर्न वीडियोज देखते हैं. ये लैपटॉप में वीडियोज सब उन्होंने डाउनलोड किए हैं. ऐसे वीडियोज देखे बगैर उनका लंड भी खड़ा नहीं होता है. मैं जितना भी उनके साथ रोमांस करूं, उनको गर्म करूं, उन्हें चोदने के लिए उकसाऊं, फिर भी उनकी उत्तेजना में कमी रहती है. वो ऐसे वीडियोज देखते हैं, तो उनका थोड़ा मूड बनता है, बाद में वो सेक्स कर पाते हैं. वो सिर्फ 2-3 मिनट तक, उससे ज्यादा कर ही नहीं पाते हैं. उतनी देर में ही वो थक कर हांफ जाते हैं और उनका पानी निकल जाता है. वो रोज की 5-6 सिगरेट भी पीते हैं और उनके मुँह से हमेशा सिगेरट की दुर्गन्ध आती रहती है. मैंने उन्हे ये सब आदतें छोड़ने के लिए बहुत कहा. तो शादी के शुरूआती समय में तो उन्होंने मेरी बात मानकर डॉक्टर को दिखाया, पर उन्होंने दवा का कोर्स पूरा ही नहीं किया और अपनी इन आदतों के गुलाम बनते गए. तब से अब तक बस यही चल रहा है.

मैंने भाभी के मुँह से लंड जैसे शब्द सुने तो मैं समझ गया कि मामला कुछ सही जगह पर जा रहा है.

तो मैंने भाभी से पूछा- फिर क्या हुआ?
भाभी- फिर मैंने भी गुस्से में आके एक दिन उनकी सारी पोर्न कलेक्शन डिलीट कर दीं, तो उन्होंने मुझे बहुत डांटा. गालियां दीं और छोड़ने की धमकी भी दी. अब ये सब मेरी बर्दाश्त के बाहर हो गया है. मेरी सेक्स लाइफ तो पूरी बर्बाद हो चुकी है. मेरे पति भी अब सिर्फ बिज़नेस और पैसे कमाने में लगे रहते हैं. मेरे पास पैसे हैं, पैसे की कोई कमी नहीं है. पर मेरे अरमान सब अधूरे से हैं. इसीलिए मैंने भी अब एक ऐसे मर्द की तलाश करना शुरू कर दी, जो मुझे संतुष्ट कर सके.

भाभी बताती रही- यहां सोसायटी में भी बहुत अच्छे जवान लड़के हैं, जो मुझे लाइन भी मारते हैं. पर मुझे कोई ऐसा समझ नहीं आया, जिस पर मैं पूरा ट्रस्ट कर सकूँ. किसी के साथ भी सेक्स करने से मेरी प्राइवेसी भी खतरे में आ सकती है. इसलिए मुझे अब तक ऐसा कोई लगा ही नहीं, जो मेरी कसौटी पर खरा उतर सके. फिर जब पहली बार आपको देखा, तब से मन को सुकून मिला. आपको देख कर मुझे काफी अच्छा लगा. आपकी पर्सनालिटी से मैं आकर्षित हो गई हूं. आपने कभी मुझ पर कोई गंदा कमेंट भी नहीं किया या कोई गंदा इशारा नहीं किया. ये सब मुझे अच्छा लगा. बाकी जब मैं मार्केट जाती हूं या कहीं और बाहर जाती हूँ, तो कुछ छिछोरे किस्म के आदमी मुझ पर गंदी निगाहें और भद्दे कमेंट्स करते हैं. जो आदमी औरत की इज्जत करे, ऐसे मर्द मुझे अच्छे लगते हैं. इसलिए मुझे आप एकदम विश्वसनीय लगे. आज तो मुझे मौका भी मिल गया था, जब आपने चाइनीज स्टॉल पर आकर मेरे पास ही बैठने के लिए पूछा. इससे मुझे भी यकीन हो गया था कि आप भी मुझमें उतना ही इंटरेस्टेड हैं, जितना मैं आप में हूँ. आज मेरे पति भी अपने एक दोस्त की बेचलर पार्टी मनाने के लिए सब दोस्तों के साथ गोवा घूमने गए हैं. मैं भी आपको लैपटॉप का बहाना बनाकर आपको यहां तक ला पाने में सफल हुई हूँ. बस वो आप भी वही पोर्न वीडियोज देख रहे थे, तो मुझे बहुत गुस्सा आ गया था.

भाभी इतना कहते कहते और ज्यादा रोने लगीं.

मैं उनके पास गया और उनको गले से लगा लिया. अपना सिर भाभी के कंधे पर झुकाया तो उन्होंने भी अपना सिर मेरे कंधे पर झुका दिया.

मैंने अपने दोनों हाथों से भाभी को कसके अपनी बांहों में दबा लिया.

मैं बोला- भाभी यदि ऐसा है तो आपका मुझ पर गुस्सा होना जायज था. मुझे भी आप पहले से ही बहुत अच्छी लगती हो. मैं भी आपको बहुत पसंद करता हूं. जब आप दिखती हो, तो मैं आपको देखता ही रहता हूं. आपने अपना फिगर भी अच्छे से मेनटेन किया है. कॉलेज की लड़कियां भी आपके सामने पानी भरेंगी. आपके हजबैंड की जगह मैं होता, तो आपकी हर बात मानता. तन और मन से आपको हमेशा खुश रखता, आपकी हर इच्छाएं पूरी करता.

ऐसे ही हम दस मिनट तक एक दूसरे से गले लगे रहे. फिर मैंने भाभी के माथे पर किस की. फिर उनके गालों पर, कान के नीचे किस करता रहा.

वो भी मुझे चुम्बन करने लगीं और मेरा साथ देने लगीं.

मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया. बेड पर लेटी हुई भाभी सेक्सी दिख रही थीं, उनके लाल लाल होंठ, लम्बे बाल. सच में भाभी बहुत ही सुन्दर दिख रही थीं.

मैं फिर से भाभी को चूमने लगा.

इस बार भाभी ने मेरा हाथ पकड़कर अपने मम्मों पर रख दिया.
भाभी ने कामुकता से कहा कि थोड़ा इनके साथ भी खेल लो.

मैंने ये सुनते ही भाभी की साड़ी हटा दी.
उन्होंने भी मेरी मदद की और अपना ब्लाउज और ब्रा निकाल दिया.
मैंने भी अपनी टी-शर्ट उतार दी और उनके मम्मे दबाने लगा.

आंह भाभी के मम्मे एकदम गोल और भरे हुए 34 के साइज के थे.

मैं बारी बारी से भाभी के दोनों बूब्स चूसने लगा.

मेरे चूसने से भाभी की चूचियां सख्त होने लगीं और उनके निप्पल भी कड़क हो रहे थे.

कुछ पल बाद मैंने अपना लोअर भी निकाल दिया. अन्दर चड्डी थी नहीं, तो मेरा लौड़ा बाहर आ गया.

भाभी ने बड़ी हैरत से लौड़े की लम्बाई मोटाई देखी और अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया. भाभी लंड सहलाने लगी थीं.

मैं उनके मम्मों को चूमते चूमते नीचे आ गया और भाभी की कमर को चूमने लगा.

मेरे हाथ उनकी कमर पर पेटीकोट के नाड़े पर घूम रहे थे.
भाभी ने खुद अपने एक हाथ को नाड़े पर रखा ही था कि मैंने नाड़ा खींच दिया.

भाभी का पेटीकोट ढीला हो गया तो मैंने उसे उतार दिया.
मेरे सामने भाभी की नंगी जांघें थीं. एकदम मक्खन सी चिकनी जांघें देखकर मेरा लंड एकदम से लोहा हो गया.

भाभी की मस्त जिस्म देख कर मुझे लगा कि मेरा लंड फट ही जाएगा.
उनकी पैंटी तो पूरी गीली हो चुकी थी.

मैंने पैंटी खोली तो भाभी की गुलाबी चूत के दर्शन हुए.

तब मैंने भाभी की चूत में अपनी दो उंगलियां डाल दीं और अन्दर बाहर करने लगा.

फिर भाभी ने मुझे इशारा किया तो मैं समझ गया और उनकी टांगें फैला कर उनकी चुत पर अपनी जीभ रख दी.
मैं भाभी की चूत चाटने लगा.

उनकी आंह आंह निकलने लगी और हाथों ने मेरे सर को अपनी चुत पर दबा लिया.

मैं भाभी की के दाने को होंठों से दबा कर खींचते हुए चूसने लगा.
इससे वो बेकाबू हो गईं और अपनी आंखें बंद करके मादक सिसकारियां लेने लगी थीं.

कुछ ही देर में भाभी की चुत ने पानी छोड़ दिया और मैं सारा पानी पी गया.

मैंने अब भी चुत चाटना जारी रखा था, तो भाभी फिर से गर्म हो गईं.

अब भाभी ने अपनी मदहोश आंखों से मुझे देखा और मुस्कुराती हुई बोलीं- मेरी चूत को ज्यादा ना तड़पाओ राजा … जल्दी से अपना लंड डाल दो.

मैंने पोजीशन बनाई और लंड चूत पर रख कर एक जोर का धक्का दे दिया.
मेरा आधा लंड चुत के अन्दर घुस गया.

भाभी के मुँह से एक दबी दबी सी सिसकारी निकली- आह मर गई!

मैंने लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया और एक जोरदार धक्का फिर से लगा दिया.
इस बार भाभी के मुँह से चीख सी निकल गई.

मैंने उनकी चीख को नजरअंदाज किया और तेजी से धक्के लगाने लगा.

कुछ देर बाद भाभी भी चूतड़ उछाल उछाल कर मेरा साथ देने लगीं.

उनके मुँह से लगातार आवाज़ें आ रही थीं- ओह … ओह … आ अ अ अ … इईईई … आह फाड़ दो मेरी चुत को … आंह आज न जाने किनते दोनों बाद मेरी चुत में ठंडक पड़ी है.

मैंने भाभी को करीब बीस मिनट तक चोदा और उनकी चूत में ही झड़ गया.
इस बीच भाभी दो बार और झड़ चुकी थीं. उनकी चूत से भी काफी पानी निकला था.

थोड़ी देर तक हम यूँ ही चूत में लंड डाल कर पड़े रहे.

फिर हम 69 की पोजिशन में आ गए.
हम दोनों ने फिर से एक दूसरे को गर्म किया और चुदाई के लिए गर्मा गए.

इस बार भाभी मेरे लौड़े के ऊपर आ गई थीं.
उन्होंने ऊपर बैठ कर लंड को चूत में डाला और गांड हिलाती हुई चुत चुदवाने लगीं.

मैं भी भाभी की कमर को पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगा. इससे उन्हें ज्यादा मजा आ रहा था.

फिर हमने डॉगी स्टाइल में भी सेक्स किया.

ऐसे ही उस रात भाभी ने मुझे अपने घर पर ही रोक लिया. पूरी रात में हम दोनों 4 बार सेक्स किया.

अब भाभी को जब भी जरूरत होती और मौक़ा मिलता तो भाभी मुझे बुला लेती हैं.
कभी कभी हम दोनों होटल में जाकर सेक्स कर लेते थे.

दोस्तो, आपको हॉट भाभी की मस्त चुदाई कहानी कैसी लगी. अपनी राय आप मुझे मेरी ईमेल आईडी पर जरूर भेजें.
[email protected]

About Abhilasha Bakshi

Check Also

भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक-3 (Bhabhi Ki Madmast Jawani Aur Meri Tharak Part-3)

फ्री सेक्स कहानी का पहला भाग भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक-1 फ्री सेक्स …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *