भाई और उसके दोस्त से मेरी चूत गांड चुदी (Bhai Aur Uske Dost Se Meri Chut Gaand Chudi)

हाय फ्रेंड्स.. मैं आपकी प्यारी फ्रेंड हिमानी फिर से हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर.. मैंने अपनी पिछली कहानी
मौसी के लड़के से चूत चुदवाने की तमन्ना
में बताया था कि मैं कैसे अपने मौसी के लड़के से चुदी थी।

आप सब लोगों का बहुत धन्यवाद.. जो आप सबने मेरी कहानी पसंद की और मुझे इतने मेल किए।

उस रात अपने कज़िन से चुद कर मुझे बहुत मज़ा आया।

मैंने आपको अपनी पिछली कहानी में कहा था कि मैं आपको बताऊँगी कि कैसे मेरे कज़िन ने अपने फ्रेंड के साथ मेरे साथ थ्री-सम सेक्स किया।

उस दिन रात को सेक्स करने के बाद हम दोनों को एक ही बार सेक्स करने का मौका मिला था क्योंकि हमको जगह की समस्या थी.. इसलिए बस हम ऊपर से ही एक-दूसरे को चूम कर और सहला कर मजे कर लेते थे..

पर मेरा चुदाई का बहुत मन करता था, मेरा कजिन मुझे ऊपर से मेरे मम्मों को दबा कर और मेरी चूत में उंगली करके मुझे बहुत गर्म कर देता था।
आप समझ सकते हो.. जब चूत में एक बार लंड चला जाता है.. तो चूत में कितनी खुजली होती है।

मैं उससे कहती- यार कुछ कर.. मेरी किसी तरह चुदाई कर!
पर वो पूरा कमीना था.. कहता था कि यार हिमानी तू ऐसी माल है कि तुझे एक और के साथ चोदूंगा जब ज्यादा मज़ा आएगा।

एक दिन उसने मुझे एक साथ तीन के चुदाई वाली ब्लू-फिल्म भी दिखाई.. मैंने उससे कुछ नहीं कहा बस चूत खुजा कर रह गई।

फिर एक दिन उसका मेरे पास मैसेज आया कि कल तैयार रहना.. चुदाई के लिए जगह मिल गई है.. अब तेरी मस्त चुदाई करूंगा।
मैं भी पूरी खुश हो गई।

मैंने उससे पूछा- कहाँ करेगा?
तो उसने बताया- उसके फ्रेंड के कमरे पर कोई नहीं है.. मेरे पास चाभी है.. वहाँ चलेंगे।
मैंने कहा- कोई प्राब्लम तो नहीं होगी?
उसने कहा- नहीं..

फिर अगले दिन मैंने खुद को अच्छे से तैयार किया और अपने को पूरा साफ किया। आप लोग ‘साफ करना’ मतलब तो समझ ही गए होंगे.. मैंने क्या साफ़ किया।
फिर मैंने एक चुस्त ब्लैक टॉप पहना और ब्लैक ही जीन्स पहनी।
मैंने घर पर बोला- मैं कॉलेज जा रही हूँ.. उसके बाद फ्रेंड के घर जाऊँगी।

बस मैं चुदने के लिए निकल गई।

फिर मैं राज से मिली और फिर हम दोनों उसके फ्रेंड के घर गए।
उसके फ्रेंड के घर पर कोई नहीं था। वो अन्दर जाते ही मुझे एक कमरे में ले गया और जाते ही मुझे किस करना शुरू कर दिया और मेरी गाण्ड दबाने लगा।

मैंने कहा- रुक तो..
वो बोला- अब मत रोक.. बहुत वेट किया है मैंने..
मैंने कहा- हाँ यार, आग तो मुझे भी बहुत लगी है।
वो बोला- आज तो मैं तेरी गाण्ड भी मारूँगा।
मैंने कहा- ठीक है।

फिर उसने मुझे चूमना शुरू किया और मेरी टी-शर्ट उतार दी। उसके बाद उसने ब्रा उतार दी और बुरी तरह से मेरे मम्मों को चूसने लगा।

मैं बस ‘आहह.. हुईईई..’ करती रही.. उसने मुझे बिस्तर पर पटक दिया और मुझे पूरा नंगा करके खुद भी नंगा हो गया।
वो मेरे पैर का अंगूठा चूसते हुए मेरी चूत पर आ गया, मेरी चूत पर एक किस करके बोला- मेरे छोटे राज को भी तो खुश कर..

फिर मैंने उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया, वो बहुत ज़ोर से मेरा मुँह चोदने लगा।

वो मेरी चूत चाटने लगा और बुरी तरह से मेरी चूत को चूसने लगा, बीच-बीच में वो मेरी गाण्ड भी चाट लेता, मैं एकदम चिहुंक जाती। इसी बीच जब वो मेरी गाण्ड में उंगली डाल देता था.. तो मेरी ‘उईईई..’ निकल जाती थी।

उसने चूस-चूस कर मेरी चूत का रस निकाल दिया। मैं बस उसको गाली बकने लगी- साले अब मुझे चोद दे.. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है।

जब मैं पूरी गर्म हो गई और उसको दिख गया कि अब मुझे चुदाई चाहिए ही है।
तो उसने बोला- आज तेरे लिए एक सरप्राइज है।
मैंने पूछा- क्या?

तो उसने अपने फ्रेंड को आवाज़ दी- विवेक.. आ जा..
उसको देख कर मैं चौंक गई और चादर से अपने आपको ढकने लगी।

राज बोला- यार हिमानी.. ये फ्लैट इसी का है.. और मैं आज तेरे को इसके साथ चोदना चाहता हूँ.. तेरे को बहुत मज़ा आएगा।
मैंने मना कर दिया- मैं नहीं कराने वाली।
तो वो बोला- फिर मैं तेरे को नहीं चोद रहा.. और तू ऐसे ही तड़पती रह।

मैं सोच में पड़ गई।

फिर वो बोला- देख अगर हम चाहें तो तुझे जबरदस्ती भी चोद सकते हैं.. पर हम मज़े लेना चाहते हैं और वो भी तेरी राजी से..
फिर मैंने सोचा अगर बिना चुदे गई तो बेचैन रहूँगी.. इसलिए मैंने ‘हाँ’ कर दिया।

मेरी ‘हाँ’ मिलते ही विवेक मेरे ऊपर टूट पड़ा और मुझे चूसने लगा, वो मेरे मम्मों को दबाने लगा।

इतने में नीचे से राज ने मेरी टांग उठाई और मेरी चूत में लंड डाल दिया, मेरी एकदम से चीख निकल गई ‘आअह..ह.. हुईई..’
मैंने उससे कहा- साले बता कर तो डालता..
वो बोला- साली कुतिया अभी तो बोल रही थी कि चोद मुझे.. अब चोद रहा हूँ बातें चोद रही है।

उसने इतना कहते हुए अपना पूरा निकाल कर एक बार में ही फिर से पूरा डाल दिया।
मैं फिर एकदम से चीखी।

इतने में विवेक ने मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए.. फिर उसने अपना लंड निकाल कर मेरे मुँह में डाल दिया, मैं उसका हथियार चूसने लगी।

नीचे से मेरी चूत को राज धकापेल चोद रहा था और ऊपर से विवेक मुँह चोद रहा था।
मेरी आवाज़ भी नहीं निकल पा रही थी।

राज थोड़ा चोदने के बाद हट गया और विवेक से बोला- आजा चोद ले।
विवेक ने मेरी टांग कंधे पर रखी और चूत को रगड़ते हुए अपना लंड पेल दिया।
मैं ‘आहहा.. अउहहा..’ करती रही।

राज मुझे चुदते हुए देख रहा था.. फिर वो आया और मुझे लंड चुसवाने लगा। दो मिनट बाद वो मेरे मुँह को पकड़ कर मेरे मुँह में झड़ गया और मुझे मुँह हटाने ही नहीं दिया.. जिस वजह से मुझे उसका पूरा माल पीना पड़ा।

फिर जब विवेक भी झड़ने को हुआ तो उसने भी तेजी से चोदते हुए मेरी चूत में ही अपना माल निकाल दिया।

फिर वो दोनों हटे और मैं बाथरूम गई। मैं थोड़ी फ्रेश होकर आई.. फिर उन्होंने खाना ऑर्डर किया और कुछ देर में हम खाने लगे।

खाना खाने के बाद राज बोला- हिमानी.. एक और राउंड ले ले.. फिर पता नहीं कब जगह मिले।
मैंने कहा- ठीक है..
फिर वो बोला- इस राउंड में तेरी गाण्ड चुदेगी।
मैंने कहा- अगर मैं मना भी करूं.. तो कौन सा तुम मान जाओगे।

वो मुझे बिस्तर पर ले आए।

विवेक मेरी गांड चूसने लगा और उसमें तेल लगाने लगा, राज मुझसे लंड चुसवा रहा था।
विवेक बोला- यार राज तूने इसकी चूत की ओपनिंग की थी.. मुझे गाण्ड की करने दे।
उसने कहा- ठीक है।

फिर उसने अपने लंड पर तेल लगा कर मेरी गाण्ड पर सैट किया।
राज ने मेरे मुँह में लंड एकदम गले तक फंसा दिया।

फिर विवेक ने झटका मारा.. उसका थोड़ा सा लंड मेरी गाण्ड में अन्दर चला गया। मुझे बहुत दर्द हुआ.. मैंने हटना चाहा.. पर उसकी पकड़ इतनी तेज थी कि मैं हिल भी नहीं पाई.. और मुँह में राज का लौड़ा फंसा होने से चीख भी न पाई।

थोड़ा रुक कर उसने एक और झटका मारा.. इस बार उसका लण्ड काफ़ी अन्दर चला गया.. मेरे आँसू निकल आए।
राज मुझे सहलाते हुए बोला- बस बेबी हो गया काम..

इतने में विवेक ने अपना पूरा लंड पेल दिया और उसी वक्त राज का लंड मेरे मुँह से हट गया।

मैं एकदम से चीखी- आआहाह.. उउउउइइ.. मेरी गाण्ड फाड़ दी साले..

फिर वो मुझे चोदने लगा.. पहले उसने धीरे-धीरे धक्के मारे और फिर तेज-तेज चुदाई करने लगा।

उसके बाद राज ने भी मुझे कुतिया बना कर बहुत बेरहमी से मेरी गाण्ड मारी। मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ लगाते हुए मेरी गांड लाल कर दी।
फिर अंत में दोनों ने अपने माल से मेरी गाण्ड भर दी।

उस दिन उन्होंने मुझे बहुत चोदा.. दर्द भी हुआ.. पर सच में मुझे बहुत मज़ा आया।

दोस्तो.. यह थी मेरी कहानी.. आप अपने मेल करके बताईए कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी।

एक बात और दोस्तो.. मैं कोई बाजारू लड़की नहीं हूँ.. जो किसी के भी साथ चुदाई कर लूँ। कुछ लोग मुझे मेल करके बोलते हैं कि हमको भी चुदाई करना है.. हमारे साथ कर लो।

हाँ.. कुछ लड़कों को मेरे साथ चुदाई करने का मौका मिल सकता है। मैं और मेरा कज़िन ऐसे अंजान कपल ढूँढ रहे हैं जिन्होंने हमारी तरह भाई-बहन के रिश्ते में सेक्स किया हो.. हम उनके साथ सेक्स कर सकते हैं।

मुझे मेल करना.. आपकी अपनी प्यारी सेक्सी हिमानी
[email protected]

About Abhilasha Bakshi

Check Also

बदले की आग-9

This story is part of a series: keyboard_arrow_left बदले की आग-8 keyboard_arrow_right बदले की आग-10 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *