मेरी मम्मी और ममेरे भाई की कामक्रीड़ा- 2 (Maa Xxx Hot Hindi Chudai)

माँ Xxx हॉट हिंदी कहानी में मेरी मम्मी और ममेरे भाई की चुदाई की घटना बताई है. मैंने उन दोनों की चुदाई देखने के लिए घर में मोबाइल रिकॉर्डिंग लगाई पर मुझे लाइव चुदाई देखने को मिली!

दोस्तो, मेरा नाम प्रथमेश है, प्यार से मुझे सुंदर बुलाते हैं।
मैं आपको अपनी कहानी के पहले भाग
मेरी भोली भाली मम्मी की करतूत
में मम्मी और अपने ममेरे भाई के बीच हुई चुदाई की घटना बता रहा था।
मुझे भी उसी दिन पता चला कि मेरे बड़े मामा का लड़का अनुज मेरी मम्मी को काफी लम्बे समय से चोदता आ रहा था।

तो, उस रात को अनुज और मम्मी ने एक दूसरे का पानी निकाला और फिर सो गए।
मैं हैरान था कि क्या ऐसा भी हो सकता है? सोचते हुए ही मुझे नींद आ गई।

अब आगे माँ Xxx हॉट हिंदी कहानी:

जब मैं सुबह सोकर जगा तो मम्मी उठ गयी थी और किचन में काम कर रही थी।
अनुज अभी सोया पड़ा था।
उसने अभी भी टीशर्ट नहीं पहन रखी थी।

उसकी खुली छाती देख कर मैं सोचता रहा कि मेरी मम्मी इसी के साथ रात भर अपने उठान रगड़ती सोयी रही।

ना जाने क्यों … मगर ये सोचते ही मेरे लिंग में भयानक तनाव आ गया।
मैं किचन में गया और मम्मी को गुड मार्निंग विश किया।

मम्मी ने मुस्करा कर मुझे जवाब दिया।
“मम्मी आज तुम जल्दी उठ गयी?” मैंने मासूमियत से पूछा।

“हां रे … आज रात बड़ी अच्छी नींद आई।” मम्मी ने ताजगी भरे स्वर में कहा।
मैं सोचता रहा कि देह की आग बुझने के शायद नींद अच्छी आती होगी।

खैर, मैं जानता था कि मेरे क्लास जाने के बाद इनका प्रोग्राम होगा और मैं इसे मिस नहीं करना चाहता था।
लेकिन अगर मैं रूक जाता तो ये लोग कुछ करने वाले नहीं थे।

तभी मुझे याद आया कि मेरे पास मेरा पुराना फोन पड़ा था जिसे मैं इस्तेमाल में नहीं ला रहा था।
मैंने उसे बाथरूम में चार्जिंग प्वाइंट पर लगा दिया और खुद तैयार होने लगा।

करीब एक घंटे के बाद फोन पर्याप्त चार्ज हो गया।

मैंने उसे निकाला और वीडियो रिकॉर्डिंग मोड में डाला और मम्मी की नजर बचा कर उसे बुकशेल्फ में ऐसे छिपा दिया जिससे वो बिस्तर को पूरा कवर करे।
फिर मैं क्लास के निकल गया।

मगर सारा दिन मेरे दिमाग में यही घूमता रहा कि अनुज और मम्मी क्या क्या कर रहे होंगे?

क्या मम्मी कल रात की तरह शर्मा रही होगी या बेशर्म हो कर अपने भाई के बेटे का लंड खा रही होगी?
खैर इन सब बातों का जवाब तो उस मोबाइल की मेमोरी में दर्ज था जिसे शाम में ही देखा जा सकता था।

आज इंतजार करना बड़ा भारी लग रहा था।
लेकिन हर वक्त बीत जाता है तो यह वक्त भी बीत गया।

मैं जल्दी जल्दी कमरे पर पहुंचा तो अनुज अपने मोबाइल में कुछ कर रहा था और मम्मी बड़ी मामी से फोन पर बातें कर रही थी।

मम्मी ने मुझे आया देख इशारे से चाय के लिए पूछा लेकिन मैंने मना कर दिया।
मुझे वीडियो देखने की जल्दी थी।

मैंने कहा- मेरे दोस्त के पास मेरे नोट्स पड़े हैं, मैं उन्हें लाने जा रहा हूं और एक घंटे बाद आऊंगा।

मम्मी ने सिर हिला कर स्वीकृति दे दी और मामी से बात करती रही।
लेकिन मैंने गौर किया कि अनुज भैया की आंखों में मेरी बात सुन कर चमक आ गई।

मैं निकल गया लेकिन जैसे ही मैं गैलरी पार करके सीढ़ियों के पास पहुंचा, मुझे अपने पीछे दरवाजा बंद होने की आवाज सुनाई दी।

मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी कार्यक्रम शुरू हो जाएगा फिर से!
मैं भाग कर आया और खिड़की की दरार से देखने लगा।

अनुज ने मम्मी को दबोच कर लिटा लिया था और उसके ऊपर चढ़ा उनके गाल काट रहा था।
मम्मी छूटने का प्रयास कर रही थी।

‘अरे, अभी इतना किये हो। मन नहीं भरा क्या?” मम्मी ने झुंझलाते हुए कहा।
“अरे बुआ, इतने दिनों बाद मौका मिला है। रगड़ कर चोदूंगा तुम्हें! तुम तो चली जाओगी, फिर तुम्हारी याद में हिलाना ही रह जाएगा।”
“अरे, अभी मेरा बेटा बाहर गया है। पता नहीं कब आ जाए। घर चलकर करेंगे रात में!”

अब मुझे समझ आया कि मामा के घर में भी अनुज मम्मी को चोद लेता है।

“चिंता मत कर यार, अभी तेरा बेटा खुद बोल कर गया है कि घंटे भर बाद आएगा। घंटे भर में तो मैं उसकी मम्मी की चूत में गदर मचा दूंगा।” अनुज अब पूरी बेशर्मी पर उतर आया था।

मम्मी शर्मा गई और उसका साथ देने लगी।

अनुज ने अपने होंठ मम्मी के होंठों पर रख दिए और धीरे धीरे चूसने लगा।
मम्मी भी उसका साथ दे रही थी।

अचानक उसने मम्मी के होंठों को छोड़ा और थोड़ा नीचे आ कर उनकी गर्दन को अपनी जीभ से चाटने लगा।
वहीं वह साड़ी के ऊपर से ही, जहां मम्मी की चूत थी, अपना लंड कपड़े के भीतर से ही रगड़ता रहा।

मम्मी ये दोहरा हमला बर्दाश्त नहीं कर पाई और अनुज की गांड पर हाथ फेरने लगी।

तभी मम्मी ने उसका लोवर नीचे सरकाना ‌शुरू किया।
आज मुझे पता चल रहा था मेरी मम्मी में कितनी कामुकता भरी पड़ी है।

अनुज मुस्कराया और उसने अपनी कमर उठा दी।
मम्मी ने उसका लोवर नीचे कर दिया।

कहां मैं सोच रहा था कि वीडियो रिकॉर्ड में ‌मम्मी की ‌रासलीला का नजारा देखूंगा, यहां लाइव चुदाई का प्रोग्राम चल रहा था।

मम्मी ने अनुज के अंडरवियर के ऊपर से ही हाथ फेरना शुरू कर दिया।
अनुज थोड़ा ऊपर उठा और उसने मम्मी की नाइटी को उनकी चूचियों के ऊपर तक कर दिया।

मम्मी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी।

अनुज उनके सीने पर झुका और उनके वक्ष के एक निप्पल को मुंह में भर कर चुभलाने लगा, वहीं दूसरे हाथ से दूसरा स्तन मसलने लगा।
मम्मी की सांसें तेज हो रही थीं।

साथ में वो हल्का हल्का सिसकार भी कर रही थीं।

उनका हाथ अनुज के सिर के बालों में फिर रहा था।
तभी अनुज ने मम्मी के निप्पल जोर से काट लिए।

मम्मी चिहुंक उठी और उसने नाराजगी से अनुज को देखा।
अनुज मुस्करा रहा था।

मम्मी ने हल्के से उसके गाल थपथपा दिए।
अनुज को मानो ग्रीन सिग्नल मिल गया।
वह बार-बार अपनी बुआ के स्तनों को निचोड़ने लगा।

मम्मी की कमर बार-बार ऊपर उठ जाती। मम्मी मस्ता रही थी।

तब मम्मी ने अनुज की चड्डी में हाथ डालना शुरू कर दिया।

अनुज थोड़ी देर को हटा, अपनी चड्डी को एक हाथ से नीचे किया और मम्मी के स्तनों को फिर से पीने लग गया।

मम्मी अब खुल कर उसका लंड सहला रही थी।
थोड़ी देर की चूसम-चुसाई के बाद अनुज नीचे की ओर आने लगा।
उसने मम्मी के बगल चाटे।

फिर उनके पेट पर जीभ फिराने लगा।
नीचे होते-होते उसने मम्मी की पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत पर जीभ फेरना शुरू कर दिया।

मम्मी मस्ती में रंभाने लगी।

उसके हाथ अनुज के बालों में फिर रहे थे और वो उसे बार-बार भींच रही थी।

थोड़ी देर बाद उसने अपनी बुआ की पैंटी की इलास्टिक में उंगली फंसाई और नीचे की तरफ खींचा।

मम्मी ने कमर उठा कर सहयोग किया जैसे वो खुद चाहती हो कि ये दीवार हट जाए।

अनुज ने मम्मी की पैंटी पूरी निकाल दी और चूत को ऊपर से नीचे जीभ से चाटा।
मम्मी ने उसके बाल जोर से खींचे लेकिन अनुज रुका नहीं।

उसने मम्मी की जांघें फैलाईं और अपना चेहरा उनके बीच घुसा दिया।
वह मम्मी की जांघों को चूमता हुआ वो फिर से उनकी चूत के पास आया।

लेकिन इस बार उसने चूत की फांकों को फैलाया और चूत के दाने को जीभ से कुरेदा।
मम्मी के बदन में जैसे आग लग गई।

वे जोर जोर से सांसें भरने लगीं और अपनी कमर उठाने लगीं।
अनुज उनकी जांघों के बीच घुसा हुआ उनके दाने को चूसता-चाटता रहा।

थोड़ी देर के मुख मैथुन के बाद मम्मी भयंकर चुदासी हो गई और अनुज को ऊपर खींचने लगी।

अनुज ने देखा कि मम्मी की नजरों में जैसे एक मनुहार सी थी कि अनुज अब उसके अंदर आ जाए।

तब अनुज उठा, उसने सबसे पहले अपने पैरों में फंसी चड्डी निकाल कर फेंक दी।

फिर उसने मम्मी को हाथ पकड़ कर बैठाया और उनकी मैक्सी निकालने लगा।
मम्मी ने हाथ ऊपर करके सहयोग किया।
उनका चेहरा लाल था और उनका पूरा शरीर भीषण चुदाई की मांग कर रहा था।

मैक्सी निकालने के बाद अनुज अपने तने हुए लंड को लेकर मम्मी के होंठों की तरफ बढ़ा।

मम्मी समझ गई कि वो क्या चाहता है?
तो मम्मी ने बिना नखरा किए अपनी जीभ निकाली और और लंड के टोपे के छेद को हल्का सा चाटा।

अनुज का पूरा शरीर गनगना गया।
मम्मी ने उसके टोपे को हल्के से अपने होंठों में दबा लिया और चूसने लगी।
बीच-बीच में मम्मी टोपे पर जीभ फिरा देती।

थोड़ी देर बाद मम्मी ने उसका लंड अपने मुंह से निकाल दिया।
पूरा लिंग मम्मी के थूक से लिथड़ा हुआ था।

फिर मम्मी नीचे उसके अंडकोषों की तरफ बढ़ी और अपनी गर्म सांसों से अंडकोषों को सहलाया।

अनुज जैसे वासना में पागल हो गया।
एक अनुभवी औरत और खुद के बाप की बहन, ये अहसास कामुकता के चरमोत्कर्ष के लिए काफी था।

मैं खुद हैरान था कि मम्मी कितनी कामकलाप्रवीणा है।

मम्मी की गजब चुसाई से ऐसा लग रहा था अनुज का माल निकल जाएगा।
उसने मम्मी को धक्का दे कर बेड पर लिटा दिया और उसकी जांघें फैला कर अपना लिंग मम्मी की चूत पर रगड़ने लगा।

मम्मी अब‌ कामातुर हो चली थी। उन्होंने उसकी कमर को हाथ से दबाया और अपनी कमर उचका दी।
अनुज का लंड आराम से चूत में समा गया जैसे ये चिर परिचित रास्ता रहा हो उसके लिए।

तब अनुज ने धक्के लगाने शुरू किए।

मम्मी नितम्ब उछाल कर उसका साथ दे रही थी।
थोड़ी देर की धीमी रेलाई के बाद मम्मी ने अपनी टांगें कैंची बना कर अनुज की कमर पर लपेट दीं और उसे तेज चोदने के लिए उकसाने लगी।

अनुज हाहाकारी अंदाज में मम्मी को चोदने लगा।
“मजा आ रहा है? क्यों मंजू? मेरा लंड लेकर कैसा लग रहा है बुआ जानू?” अनुज बड़बड़ा रहा था और उसका लंड पिस्टन की तरह मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था।

मम्मी ने इसका जवाब देने की जगह अनुज के होंठ काट लिए।
अनुज धक्के मारता रहा।
उसने एक हाथ से मम्मी के निप्पल जोर से उमेठे और मम्मी कराह उठी।

“बोल ना, कैसा लग रहा है?” उसने फिर पूछा और मम्मी के गाल जोर से काटे।
“क्या चोदते हो राजा!” मम्मी धीरे से फुसफुसायी।
“जोर से बोल ना साली, और जोर से चोदूं क्या?” अनुज ने जोर का झटका चूत में देते हुए पूछा।
“हां। चोदो ना, आह्ह …” मम्मी बस इतना ही बोली।

अनुज कुछ और बोलने वाला था लेकिन मम्मी ने उसके होंठों को अपने होंठों से सिल दिया।
“प्लीज अभी करो ना, बेटा आ जाएगा फिर दिक्कत होगी।” मम्मी ने जैसे मिन्नत की।

“क्या करूं जान? खुल के बताओ ना।” अनुज ने एक करारा शॉट मारा और पूछा।
“चोदो मुझे जोर से चोदो!” मम्मी समझ गई कि वो ये गंदे शब्द सुनना चाहता है।

यह सुनते ही बिस्तर पर जैसे मल्लयुद्ध शुरू हो गया।
दोनों एक दूसरे के बदन को चाटने-काटने लगे और जोर-जोर से कमर टकराने लगे।
जांघों की थपथप की आवाज से पूरा कमरा गुंजायमान था।

सांसों का शोर और सिसकारियों की ध्वनि बाहर तक आ रही थी।
कुछ देर ये तूफान जारी रहा और फिर मम्मी अपनी कमर तेज तेज चलाने लगी।
अनुज समझ गया कि वो झड़ने वाली हैं।

उसने भी अपने धक्कों की स्पीड़ बढ़ा दी और सटासट चोदने लगा।

अचानक मम्मी चिहुंकी और उसने अनुज को जोर से कस लिया।
मम्मी स्खलित हो रही थी।

अनुज रूका रहा।
जब मम्मी शांत हो गई तो उसने लंड को बाहर तक खींचा और जोरदार ठाप मार कर उसे फिर घुसा दिया।
दस-बीस जोरदार धक्कों के बाद वो भी मम्मी की चूत में झड़ गया और मम्मी के नंगे बदन पर ही ढेर हो गया।

मम्मी बहुत प्यार से उसके बदन को सहलाती रही।
तूफान गुज़र गया था।
मम्मी ने हौले से अनुज को अपने ऊपर से हटाया और बाथरूम चली गई।

अनुज नंगा ही पड़ा रहा।
कुछ मिनट बाद मम्मी लौट कर आयी और उसने अनुज के बालों में हाथ फेर कर उसे उठाया।
अनुज उठा तो नहीं, उसने हाथ बढ़ा कर मम्मी को ही लपेट कर गिरा लिया।

मम्मी कुछ देर तो उसकी बांहों में लेटी रही।
फिर उसने खुद को उसके बंधन से मुक्त किया।

मम्मी ने कहा- जल्दी उठो, बेटा आ गया तो प्रॉब्लम होगी. और ये बेडशीट भी तो बदलनी है!

मम्मी को क्या पता था कि बेटे ने लाइव सेक्स की सारी फिल्म खिड़की के छेद से देख ली है।

अनुज मुस्कराता‌ हुआ उठा‌, उसने मम्मी को जोर से चूमा और बाथरूम चला गया।

मैं भी वहां से निकल गया।
आगे उस मोबाइल में कैसी कामलीला दर्ज‌‌ थी, ये मैं कहानी के अगले भाग में बताऊंगा।
उसके लिए आपको थोड़ा इंतजार करना होगा।

आपसे गुजारिश है कि इस माँ Xxx हॉट हिंदी कहानी के बारे में अपनी राय लिखना न भूलें। कमेंट्स में अपनी प्रतिक्रयाएँ अवश्य दें।
आगे की कहानी आपकी प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही जल्द से जल्द आप तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
इस ईमेल पर अपनी राय भेजें- [email protected]

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