मेरी मम्मी की गैरमर्द से पहली चुदाई- 2

देवर भाभी Xxx बाथरूम सेक्स का दृश्य मैंने अपने सामने देखा. मेरी मम्मी नहाने गयी तो चाचा भी अंदर चले गए. उसके बाद मेरी मम्मी को चाचा ने दबा कर चोदा.

फ्रेंड्स, मैं आपको अपनी मम्मी की गैरमर्द से चुदाई की कहानी सुना रही थी.
कहानी के पहले भाग
मेरी प्यासी मम्मी को मिला चाचा का सहारा
में अब तक आपने पढ़ा था कि गांव के ही एक चोदू चाचा ने मेरी मम्मी को बाथरूम में नंगी कर दिया था और वो उन्हें चोदने की तैयारी कर रहे थे.

अब आगे देवर भाभी Xxx बाथरूम सेक्स:

चाचा ने अपनी उंगली से मेरी मम्मी की चूत को चौड़ी करके देखी.
आंह … एकदम गुलाबी चूत थी.

चाचा का हाथ लगते ही मम्मी सीत्कारने लगीं- आह आह.
तब चाचा एकदम से चूत पर टूट पड़े और चूत में जीभ घुसा कर चूसने लगे.

एकदम से हुई चुसाई से मम्मी ने अपना संतुलन खो दिया और तेज आह आह आह ओह्ह ओह्ह करने लगीं.
मम्मी के पैर कांपने लगे, पर चाचा उंगली से रगड़ कर तेज तेज चूत चूसने लगे.

अगले ही कुछ पल बाद मम्मी चाचा के सर को तेजी से पकड़ कर चूत पर दबाने लगीं और उनकी आवाजें निकलने लगीं- आह आह ई आह ओह्ह आह और तेज … आह मर गयी आह!

मम्मी की आवाजें बढ़ती गईं और उनका जिस्म ऐंठने लगा.
तेज थरथराहट के साथ मम्मी की चूत से फव्वारा छूट गया और चाचा मम्मी की चूत के रस को पूरा चाटते हुए पी गए.
मम्मी एकदम से निढाल होकर चाचा से चिपक गईं.

चाचा अब मम्मी को चिपकाए हुए थे और उनकी उठी गांड पर हाथ घुमा घुमा कर दबा रहे थे साथ ही वो गांड पर थप्पड़ भी मार रहे थे.
इससे मम्मी के बडी सी गांड लाल हो गयी थी.

चाचा ने मम्मी को किस किया और उन्हें नीचे बैठा दिया.
मम्मी ने चाचा के पैंट के ऊपर से लंड पकड़ लिया.

मैंने देखा कि मम्मी के चहरे के भाव से साफ़ लग रहा था कि वो इतना बड़ा लंड देख कर खुश हो गई थीं.
शायद उनकी चूत मचलने लगी थी.

मम्मी ने बिना टाइम खराब किए सीधी पैंट खोला और अंडरवियर में हाथ डाल दिया.

जैसे ही मम्मी ने चाचा का लंड बाहर निकाला, मम्मी की आंखें फ़टी की फटी रह गईं.
चाचा का काला लंड मम्मी के हाथ की कलाई से भी मोटा और 7 इंच लम्बा था.

उनका लौड़ा किसी पोर्न मूवी के स्टार के जैसा था; लंड का टोपा एकदम लाल टमाटर के जैसा मोटा था.
चाचा का लंड इतना हैवी लंड था कि मेरी मम्मी के हाथ में नहीं आ रहा था.

चाचा ने कहा- क्यों क्या हुआ … ऐसे क्या देख रही हो. अभी इसकी चुदाई देखना. मैं बोला था ना भाभी कि अब तो रोज मुझे याद करोगी.
मम्मी बेसुध सी आवाज में बोलीं- नहीं … मैं इतने बड़े लंड से नहीं मरवा सकती … मेरी फट जाएगी.

चाचा ने मम्मी के बूब्स दबाते हुए कहा- जैसे आज चुदवाने की हिम्मत आ गयी है ना भाभी … ऐसे ही एक बार अन्दर लेते ही इससे रोज चुदने की हिम्मत आ जाएगी.

मेरी मम्मी कुछ नहीं कह रही थीं, बस चाचा के लंड को हाथ में पकड़े हुई उसे देख रही थीं.
उनकी लालच से भरी आंखें लंड से चुदने की वासना दिखा रही थीं और साथ ही माथे पर डर की लकीरें उनके भी को भी दिखा रही थीं.

कुछ पल बाद मम्मी ने सर हिलाया और आराम से पीछे गांड निकाल नीचे बैठ गईं.
वो लंड को हिलाने लगीं तो चाचा ने लंड चूसने का इशारा कर दिया.

मम्मी ने लंड का टोपा मुँह के करीब लिया और जीभ से सुपारे को चाट कर उसे आगे पीछे करने लगीं.

चाचा ने मम्मी के बाल पकड़ कर खींच दिए, जिससे मम्मी की आह निकल गयी और उनका मुँह खुल गया.
उसी समय चाचा ने मम्मी के बाल पकड़ कर मुँह ऊपर को किया और अपना मूसल जैसा लंड मम्मी के मुँह में घुसा दिया.

एकदम से हुए इस हमले का मम्मी को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था.
लंड एकदम से अन्दर गया तो मम्मी की आंखें बाहर आ गईं और वो बस छटपटा उठीं.

एक तो इतना बड़ा लंड मुश्किल से मुँह में जा रहा था और ऊपर से चाचा ने अपना समूचा लंड एक ही बार में मम्मी के गले तक उतार दिया था.
मम्मी ने जैसे तैसे लंड मुँह से बाहर निकाला और उनकी सांस में सांस आयी.

मम्मी कुछ बोल पातीं कि उससे पहले चाचा ने वापस मुँह में लौड़ा पेल दिया और मम्मी को फ्री छोड़ दिया.
अब मम्मी को भी पता चल गया था कि उनकी बैंड बजने वाली है; पर मजा भी बहुत आएगा.

वो चाचा के लंड को पकड़ कर चूसने लगीं.
उनके मुँह से अजीब सी आवाज आने लगी- आक आहग ऊग उंगह्ह … उम् आंघ!

कुछ ही देर में मम्मी को मजा आने लगा और उन्होंने लंड चूसने की स्पीड बढ़ा दी और आधे से ज्यादा लौड़ा अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं.

मम्मी की लार लंड से टपक रही थी पर वो लंड को एकदम बिंदास होकर लॉलीपॉप की जैसे चूस रही थीं.
और चाचा की आवाज मम्मी का जोश बढ़ा रही थी- आह आह उफ्फ्फ आआ अह आह सिईई और तेज मेरी जान और तेज!

अब उन दोनों की आवाज बाथरूम में गूंज रही थी.
उन दोनों को देख देख कर मैं भी गर्म होने लग गयी थी और मेरी चूत में भी खुजली होने लगी थी.

मम्मी ने चाचा का लंड चूस चूस कर एकदम गीला कर दिया था.
मेरी मम्मी कभी लंड चूसतीं तो कभी चाचा के लंड के नीचे लटकती गोलियां चूस रही थीं.

आज मम्मी का एक अलग ही रूप मेरे सामने आ रहा था.

फिर चाचा ने मम्मी को उठाया और कहा- भाभी, अब चुदाई के असली मजे लेने के लिए तैयार हो जाओ.
यह कह कर चाचा ने मम्मी के बूब्स मसल दिए और मम्मी को दीवार की साइड घुमा कर घोड़ी बना दिया.

मम्मी क्या कयामत लग रही थीं, उनके बूब्स हवा में एकदम मस्त झूल रहे थे और मम्मी की बड़ी सी गांड बाहर को निकल कर चाचा के सामने फैल गयी थी.

चाचा का लंड आसमान की ओर सर उठाए फड़फड़ा रहा था … एकदम गर्म रॉड के जैसे वो भयानक लग रहा था.

तब चाचा ने अपने लंड का टोपा मम्मी की चूत पर सैट किया तो मम्मी के कंठ से मीठी सी आवाज निकल गई थी- आहह … पेल दो जल्दी से!

चाचा ने अपने हाथ आगे बढ़ाए और मम्मी के दोनों दूध पकड़ कर मसलने लगे.
उनको पता था कि अब उनकी भाभी की चूत फटने वाली है तो उन्हें आगे बढ़ने से पहले ही काबू में करना होगा.

सब कुछ सैट करके चाचा ने एकदम से झटका मारा और उनका मूसल लंड मम्मी की चूत को फाड़ता हुआ 3 इंच अन्दर घुस गया.
मम्मी की बहुत तेज चीख निकल गयी- आ आ … मर गईई उई मां मर गयी … बाहर निकालो मुझे नहीं करवाना … आह आह आह.

उनकी चीख इतनी तेज थी कि एक बार को मैं भी डर गयी कि कहीं कोई आ न जाए.
पर तभी चाचा ने जल्दी से मम्मी के मुँह पर हाथ लगा दिया और वहीं रुक गए.

वो बिना हिले मम्मी के बूब्स दबाने लगे.

कुछ देर बाद मम्मी नॉर्मल हुईं और अपनी गांड उचकाने लगीं.
चाचा धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगे पर मम्मी को कहां पता था कि अभी आधा लौड़ा ही अन्दर गया है.

उसी टाइम चाचा ने थोड़ा सा लंड बाहर निकाला और एक तेज शॉट मारा.
इस बार चाचा का लंड मम्मी की चूत को चीरता हुआ सीधा बच्चादानी से टकरा गया.

इस बार मम्मी बेसुध सी हो गईं और ऐसा लगा कि मम्मी मर गईं.
उनकी ऐसी हालत होगी भी क्यों नहीं … इतना बड़ा हथियार चूत में घुस जाएगा, तो लेने में जोर लगेगा ही.

इस बार चाचा रुके नहीं और मम्मी को तेज तेज चोदने लगे.
बाथरूम में मम्मी की दर्द भरी आहें और चाचा के धक्कों से फट फट की आवाजें आ रही थीं.

उनको किसी का कोई डर नहीं था, ना अन्दर तक आवाज सुनी जा सकती थी.

जैसा कि मैंने आपको बताया था कि हमारा ये बाथरूम बाहर की साइड बना है.
मैं देवर भाभी Xxx बाथरूम सेक्स अपनी नंगी आँखों देख कर मजा ले रही थी.

अब चाचा मम्मी की बड़ी सी गांड पकड़ कर पूरे तेज झटके लगा रहे थे.

चाचा का हर झटका मम्मी की बच्चादानी तक मार कर रहा था और मम्मी की चूत के चिथड़े उड़ा रहा था.
मम्मी ने कसके नल पकड़ रखा था और उनकी तेज तेज आवाजें निकल रही थीं- आह ओह्ह … ओह्ह ओह्ह .. हाय मरी … हाय मेरी फाड़ दी आह!

मेरी मम्मी को क्या अंदाजा था कि नए साल की शुरूआत ऐसे होगी.

चाचा ने 15 मिनट मम्मी की घोड़ी बनाए बनाए चूत चोदी और फिर रुक गए.
अब चाचा ने मम्मी की चूत से लंड बाहर निकाला.
मम्मी की चूत एक बार में खुल गयी थी और सूज कर कचौड़ी सी हो गयी थी.

अब बाथरूम में ज्यादा पोज बदल कर तो चुदाई कर नहीं सकते थे तो चाचा ने मम्मी को दीवार के पास लगा दिया.
मम्मी ने भी बहुत अदा से पैर फैला का चूत बाहर को निकाली और चाचा ने लंड एक झटके में पेल दिया.

लंड पेल कर चाचा तेज तेज पेलने लगे.
मम्मी की चूत में इतना बड़ा चाचा का लंड एकदम कसा हुआ जा रहा था.

मम्मी की चूत फैलने लगी और लंड के अन्दर बाहर होने के साथ चूत के होंठ खिंच-खिंच कर लम्बे होते दिख रहे थे.
चाचा मम्मी को बहुत तेज चोद रहे थे.

ऐसी चुदायी शायद ही मम्मी की कभी हुई हो.

अब मम्मी भी सामने से तेज तेज झटके मारने लगीं- आह आह … और तेज फाड़ डालो मेरी … आह … मुझे आज से जब चाहो चोद लेना … अब से बस तुम ही चोदना आह!

चाचा के शॉट और तेज होते गए.
अब मम्मी का बदन अकड़ने लगा और उनकी चूत का फ़व्वारा छूट गया.

चाचा के झटके के साथ चूत से फच फच की आवाज आने लगी.
मम्मी से चाचा के तेज झटके संभाल पाना मुश्किल हो रहा था.

तभी चाचा ने तेज झटका मारा तो ऐसा लगा कि आज चूत फाड़ कर भोसड़ा बना देंगे.
चाचा के लंड ने मम्मी की चूत में अपना लावा उगल दिया और आह ह्ह करते हुए अपना लंड अड़ाए खड़े रहे.

उन्होंने मेरी मम्मी की गांड पकड़ कर पूरा लौड़ा अन्दर डाल दिया था और अपना पानी मम्मी की चूत में भर दिया.
तब तक मम्मी कस के नल पकड़े हुई चिल्लाती रहीं और उन्होंने चाचा के लंड से अपनी चूत में पानी भरवा लिया.

चाचा भी मम्मी से चिपक गए और हांफने लगे.
फिर चाचा ने कुछ देर बाद अपना लंड बाहर निकाला तो मम्मी की चूत चुदकर बड़ापाव बन गयी थी.

वो सुबह तक एकदम बड़ी वाली पावरोटी बन जाएगी, ऐसा लग रहा था.

मम्मी की चूत से चाचा का गाढ़ा माल मम्मी के पैरों पर टपक रहा था. मम्मी की गांड, बूब्स सब लाल हो गए थे.

फिर चाचा अपने कपड़े पहनने लगे और मम्मी से बोले- तो बताओ भाभी, कैसी लगी देवर से चुदायी?
मम्मी ने चाचा से चिपक कर किस कर लिया और कहा- फिर कब आओगे?

चाचा ने मम्मी को चूमा, दूध मसले और जल्दी वापस आने का बोल कर बाहर चले गए.

चाचा के जाते ही मम्मी बिना नहाए कपड़े पहन कर बाहर आकर सो गईं.

सुबह जब मम्मी उठीं, तो उनकी रात की चुदाई से हालत खराब थी.
मम्मी की चाल जरूर बदल गयी थी, मगर आंखों में चमक आ गई थी.

तो दोस्तो, मेरी मम्मी की दूसरे मर्द से पहली चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी.
देवर भाभी Xxx बाथरूम सेक्स पर अपनी राय देना नहीं भूलना.
मैं आपके कमेंट्स और मैसेज का इंतजार करूंगी.
मेरा ईमेल आईडी है
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