अपने मियां का लंड पेल दिया अम्मी की चूत में (Hot Maa Beti Sex Kahani)

हॉट माँ बेटी सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी बेशरम अम्मी ने मुझे बेशरम बनाया. मैं अपने आशिक से चुद रही थी तो मेरी माँ ने उसका लंड अपनी चुत में डलवाया.

यह कहानी सुनें.

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दोस्तो, मैं आपको अपनी अम्मी के बारे में बता दूँ. मेरी अम्मी जान का नाम है शमीमा बेगम!
मेरी अम्मी बेहद खूबसूरत हैं, सेक्सी है और गज़ब की हॉट हैं।

उसे सेक्स तो पसंद है ही पर सेक्स से ज्यादा सेक्स की बातें पसंद हैं।
अगर कोई उससे दिन भर लंड, बुर, चूत, भोसड़ा, चोदा चोदी की बातें करती रहे तो वह बिना रुके नॉन स्टॉप बातें करती रहेंगी और ज़रा सा भी बोर नहीं होगीं.

लंड तो उसे सबसे ज्यादा अजीज है, लंड पर तो वह जान देतीं हैं।
दो दिन तक उसे खाना न दो, बस लंड देती रहो वह खुश रहेंगी।

उसकी याददाश्त बड़ी गज़ब की है। वे अपनी लाइफ में जितने लंड पकड़ चुकी हैं उन सबके साइज उसे जबानी याद हैं।
साइज के अलावा लंड कैसा दिखता है … लंड का हुलिया कैसा है … लंड का टोपा कैसा है … लंड चोदने में कैसा है … लंड जल्दी झड़ता है या देर तक ठहरता है … लंड चूचियाँ चोदता है या नहीं … लंड गांड मारता है या नहीं … हर एक लंड की पूरी कहानी आप मेरी अम्मी जान से सुन लीजिये।

यह हॉट माँ बेटी सेक्स कहानी हम दोनों के आपसी रिश्ते की है.

मैं जब शादी के बाद अपनी सुहागरात मनाकर अपने मायके आई तो सबसे पहले अम्मीजान से मिली।
अम्मी जान ने मुझसे मिलते ही सबसे पहले पूछा- बेटी तराना, कैसा है तेरे शौहर का लंड? कितना बड़ा और कितना मोटा है? तेरे मनमाफिक है तेरे मियां का लंड या नहीं? देखने में कैसा लगता है उसका लंड? और उसने तुझे सुहागरात में कितनी बार चोदा? यह भी बता कि क्या तुझे किसी और ने भी चोदा? अगर चोदा तो वह कौन था और उसका लंड कैसा था? उसके भी लंड का साइज बता. मैं बहुत बेताब हो रही हूँ बेटी यह सब जानने के लिए।

मैंने कहा- अरे मेरी हरामजादी अम्मी जान … एक बार में इतने सवाल? एक एक करके पूछो न … मैं सारे सवालों का जबाब दूँगी।
वह बोली- बेटी तराना, तुझको तो मालूम है कि मैं बुरचोदी सबके लंड जानने के लिए कितनी बेताब रहती हूँ … मैं सबके लंड के बारे सब कुछ जानना चाहती हूँ। मुझे जल्दी बता … मेरे भोसड़े में आग लगी हुई है बहनचोद … अगर तेरा मियां यहाँ होता तो मैं खुद उसे नंगा करके तेरे सामने ही पकड़ कर देख लेती उसका लंड!

मैं अम्मी जान की बात सुनकर मुस्कराने लगी.

अब मैं बताती हूँ कि मेरे साथ क्या हुआ.

मेरे घर का माहौल हमेशा सेक्सी बना रहता था क्योंकि जो भी आता अम्मी जान उससे बस लंड बुर चूत की बातें करतीं और मैं छुप छुप कर सुना करती थी।

पहले तो मैंने कुछ ध्यान ही नहीं दिया लेकिन जब मैं सयानी हुई तो मुझे यह सब सुनने में मज़ा आने लगा.
तो मैं छुप छुप कर सुनने लगी।
फिर कुछ दिन बाद मैं खुले आम सुनने लगी।

अम्मी का रवैया वैसा ही रहा।
उसने सोचा कि तराना मेरी बातें सुन रही है तो सुने … मैं कई गुनाह तो कर नहीं रही।

उधर मेरी भी हिम्मत बढ़ने लगी।
रोज़ रोज़ लंड सुन सुन कर मेरा भी मन होने लगा कि मैं भी लंड पकड़ कर देखूं। मुझे भी लंड की जरूरत है, मैं भी चुदाई का मज़ा लूं। मैं किसी से कम नहीं हूँ।

एक दिन अम्मी के साथ एक और औरत बुर्का पहने हुए आई।

अम्मी ने बुर्का उतारा तो नीचे एकदम नंगी दिखीं।
अम्मी की चूचियाँ नंगी, उसकी गांड, उसका भोसड़ा सब मुझे दिखने लगा।

एक बात जरूर है कि अम्मीजान नंगी ज्यादा खूबसूरत और हॉट लग रहीं थीं.
मैं अगर मर्द होती तो लंड अभी उसके भोसड़े में घुसा देती।

लेकिन जब दूसरी औरत ने बुर्का उतारा तो उसमें मुझे लंड दिखाई पड़ा।
वह औरत नहीं थी मर्द था।
बुरके के अंदर लंड होता है यह मैंने पहली बार देखा।

मैं सोचने लगी कि बुरके में जाने क्या क्या कारनामे होते होंगे? बुरके में लंड छुपाकर भी लाया जा सकता है।

पहली बार मैंने बुरके के अंदर लंड देखा। मेरी तो चूत गीली हो गई।
लंड साला बड़ा हक्कानी था.
मेरी तो गांड फट गई लंड देख कर … सोचा कि क्या सच में इतने बड़े बड़े लंड होते हैं?

तब तक अम्मी जान उसका लंड पकड़ कर आगे पीछे करने लगीं।
लंड बढ़ने लगा तो अम्मी बोली- बड़ा प्यारा है लंड तेरा शब्बीर मियां … तेरी बीवी ने ठीक ही कहा था मुझसे कि शमीमा किसी दिन मेरे शौहर का लंड पकड़ कर देखना, मज़ा आ जायेगा तुम्हें। आज वाकई मुझे मज़ा आ रहा है।

लंड बढ़ते बढ़ते लगभग 8″ का हो गया। मैं बिना पलक झपकाए सब देखती रही।
लंड का सुपारा तो एकदम तोप का गोला लग रहा था।

अम्मी ने लंड चाटते चाटते उसे मुंह में भर लिया और चूसने लगी।
अंकल अम्मी माँ भोसड़ा सहलाने लगा और दूसरे हाथ से उसकी मस्तानी चूचियाँ मसलने लगा।

दोनों वासना में बुरी तरह डूब चुके थे।
मैं जान गई कि आज मेरी माँ का भोसड़ा चुदेगा जरूर!
मेरा नया अनुभव था, मैंने कभी ऐसा पहले देखा नहीं था।

अम्मी ने पूछा- शब्बीर, तेरी बीवी तो बड़ी अच्छी है जो तुमको दूसरों की बीवियां चोदने के लिए भेज देती है।
वह बोला- नहीं यार … वह भोसड़ी वाली बड़ी चालू चीज है। वह मुझे यहाँ भेज कर किसी और से चुदवा रही होगी। बहुत बड़ी छिनार है मेरी बीवी! मैं इसलिये ऐतराज़ नहीं करता क्योंकि मुझे भी बड़ी खूबसूरत और हॉट पराई बीवियां चोदने के लिए मिल जाती हैं।

बस इतने में अंकल ने पेल दिया लंड अम्मी के भोसड़े में और अम्मी बड़ी मस्त होकर भकाभक चुदवाने लगीं।
मैं अम्मी की मस्ती देख रही थी।

अम्मी बोली- यार, तेरा लंड मुझे वैसे ही मज़ा दे रहा है जैसे इक़बाल का लंड देता है। वह भी इसी तरह चढ़ कर चोदता है।

मैं जान गयी कि अम्मी जान इक़बाल से भी चुदवाती हैं और इसके अलावा कई लोगों से भी चुदवाती होंगी। बहुत बड़ी छिनार है मेरी भोसड़ी वाली अम्मी जान!
अब मैं मन ही मन बेशरम हो गयी।

मेरा अम्मी से डरना और अम्मी से शर्माना बिल्कुल ख़त्म हो गया।
मेरे मुंह से निकला- बुरचोदी हरामजादी शमीमा तो रंडी की तरह गैर मर्दों से चुदवाती है। आज मेरे आगे इसकी पोल खुल गई। फिर तो अम्मी मुझे किसी का लंड पकड़ने से कैसे मना कर सकती है.

तब मैंने भी ठान लिया कि मैं भी किसी का लंड अपनी बुर में पेलवाकर चुदवाऊंगी, मैं भी लंड का मज़ा लूंगी। मेरी चुदक्कड़ अम्मी शमीमा बेगम मेरी एक झांट भी नहीं उखाड़ पायेगी।

मैंने अम्मी की चुदाई का पूरा वीडियो बना लिया।

बस अगले ही दिन दोपहर में जैसे ही अम्मीजान बाहर गईं, वैसे ही मैंने अपने बॉयफ्रेंड राजीव को बुला लिया।
जब वह आया तो मैंने उसको अपनी अम्मी की चुदाई का सारा किस्सा सुना दिया और उसको वीडियो भी दिखा दिया।

बस उसके लंड में करंट लग गया, वह बोला- यार तराना, तेरी अम्मीजान पराये मर्दों से चुदवाती है?
मैंने कहा- हाँ … तेरी मम्मी नहीं चुद्वाती क्या?
वो बोला- नहीं … हमरे यहाँ ऐसा नहीं होता.

बात करते करते मैंने उसका लौड़ा पकड़ लिया और हिलाने लगी।
फिर वह पूरा नंगा हो गया और मैं भी हो गयी पूरी नंगी!
मुझे सच में उस समय बड़ा अच्छा भी लग रहा था और मज़ा भी आ रहा था।

मैं राजीव का लंड पकड़ कर बड़े गौर से देख रही थी। मैं यह अनुमान लगा रही थी कि क्या इसका लंड शब्बीर के लंड के टक्कर का है?
लेकिन मैं किसी नतीजे पर पहुँच नहीं पा रही थी।
हां लंड तो राजीव का भी जबरदस्त था।

मैं नंगी नंगी एक हाथ से पेल्हड़ थाम कर दूसरे हाथ से लंड चाटने भी लगीं और चूसने भी लगी।

इतने में अचानक अम्मी जान कमरे में आ गईं।
मैं लंड बार बार मुंह में डाल डाल कर बाहर निकाल रही थी।

अम्मी के मुंह से निकला- हायल्ला इतना बड़ा लंड? इतना मोटा लंड? इतना हैंडसम लंड? तूने मुझे क्यों नहीं पकड़ाया तराना? तू तो बड़ी स्वार्थी है भोसड़ी वाली … तेरी माँ की चूत!
मैंने भी उसी लहज़े में जबाब दिया- तूने भी तो शब्बीर का लंड मुझे नहीं पकड़ाया मेरी हरामजादी अम्मीजान? तेरी बहन की बुर!

अम्मी ने पूछा- हाय दईया, तूने कहाँ देख लिया शब्बीर का लंड?
मैंने वीडियो ऑन कर दिया और कहा- ले देख ले तू भी!
वह बोली- माँ की लौड़ी, मुझे क्या मालूम था कि तू मेरी चुदाई देख रही है। तू अगर आ जाती तो मैं उसका लंड तेरे मुंह में घुसा देती. गलती तेरी थी मेरी नहीं। ला दिखा मुझे अपने यार का लंड!

अम्मी ने मुझसे राजीव का लंड छीन लिया और चूसने लगी.
फिर वे बोली- ये तो शब्बीर के लंड जैसा है … बाप रे बेटी तराना! माशाल्ला बड़ा प्यारा लौड़ा है तेरे यार का!

मैंने कहा- मैं इसे तेरे भोसड़े में पेलूगी अम्मी जान!
वह बोली- नहीं, पहले मैं इसे पेलूँगी तेरी बुर में, बेटी तराना … तूने मेरा भोसड़ा चुदता हुआ देखा है। अब मैं तेरी बुर चुदते हुए देखूंगी। अब तेरी चूत मेरी चूत के बराबर हो गयी है बेटी तराना।
अम्मी ने फिर लंड पकड़ कर मेरी चूत में घुसा ही दिया।
मेरे मुंह से निकला- उई माँ मर गयी मैं … फट गई मेरी बुर … हाय रे बड़ा दर्द हो रहा है … होहो हां ऊँ बाप रे अब क्या करूंगी।
वह बोली- अब तू भोसड़ी वाली झमाझम चुदवायेगी और क्या करेगी!

मैं फिर सच में झमाझम चुदवाने लगी। मैं मस्त होने लगी, मुझे चुदाई में मज़ा आने लगा।
मुझे अनुभव हुआ कि चुदाई से मजेदार कोई और चीज नहीं है।

मैंने मन ही मन ठान लिया कि अब मैं हर रोज़ पेला करूंगी लंड अपनी चूत में! मैं बहनचोद बन गयी अव्वल दर्जे की बेशरम अम्मी की बेशरम बेटी।

फिर मैंने लंड निकाल कर ठोक दिया अम्मी की चूत में!
अम्मी भी मेरी तरह उचक उचक कर चुदवाने लगी।

मुझे अपने बॉयफ्रेंड से अम्मी की फुद्दी चुदवाने में बड़ा मज़ा आने लगा।
फिर मैंने वही लंड कई बार पेला अम्मी की चूत में और हर तरफ से पेला।

इस तरह हम दोनों अम्मी बेटी के बीच बन गए चुदाई के मजबूत रिश्ते!
अम्मी बड़े प्यार से बोली- बेटी तराना, तेरी बुर तेरी माँ का भोसड़ा … आज से तू हो गयी है मेरी चुदक्कड़ सहेली। मैं तेरे आगे तेरी माँ चोदूँगी तू मेरे आगे मेरी बेटी चोदेगी।
और अम्मी ने बड़े प्यार से मुझे अपने गले लगा लिया।

कुछ दिन बाद हो गया मेरा निकाह।
जानते हो दोस्तों किसके साथ हो गया?
जी हां … मेरी फूफी जान के देवर से … यानि अम्मी की ननद के देवर से!
मैं फूफी जान की देवरानी बन गई।

इस लिहाज़ से मैं अम्मीजान की ननद हो गयी।

अम्मी बोली भी- तराना, तू बुरचोदी मेरी ननद, मैं बुरचोदी तेरी भाभी जान!

शादी के बाद मैं जब वापस अपने मायके आयी तो अम्मी जान ने कई सवाल कर दिये थे जो आपने ऊपर पढ़े।

अब मैंने उसके सवालों का जबाब अम्मी को दिया।

मैंने कहा- मेरे शौहर का लंड बहुत बढ़िया है अब और कुछ नहीं बताऊंगी क्योंकि मुझे मालूम है कि तुम मेरे मियां का लंड बिना पकड़े रह नहीं सकती. तुम खुद ही पकड़ कर देख लेना मेरे मियां का लंड … तुझे सब मालूम हो जायेगा। मैं जानती हूँ कि तेरी चूत में अभी से खलबली मची हुई है। मैं सब बता दूँगी तो तेरा मज़ा किरकिरा हो जायेगा।

मैं बताती रही:
अब रही किसी और से चुदवाने की बात तो मैं बता दूँ कि मैं अपनी सुहागरात में ही किसी और से चुद चुकी हूँ।
मेरा हसबैंड सिंगापुर में रहता है, वहीं काम करता है। वह अपने दोस्त के साथ आया था।

मेरे शौहर ने सुहागरात में ही मुझसे कहा- बीवी जान, मैं तुम्हें एक बार चोद चुका हूँ, मेरी सुहागरात हो गयी है। एक मेरा दोस्त है आदिल … अब तुम मेरे सामने उससे चुदवा लो प्लीज! क्योंकि मैंने उसकी सुहागरात में उसकी बीवी उसके सामने चोदी थी। मुझे अपना क़र्ज़ उतारना है उससे अपनी बीवी चुदवा कर!

मैं तो अंदर से खिल उठी।
पर मैंने थोड़ा नाटक किया, बोली- अरे ऐसा कैसे हो सकता है? मैं तेरी बीवी हूँ उसकी नहीं! मेरा उससे चुदवाना मुनासिब नहीं होगा.
वह बोला- मैं हूँ न … सब मुनासिब होगा।

मैंने कहा- ठीक है … लेकिन तुम भी उसके साथ चुदाई में नंगे होकर शामिल होंगे। मैं उसका लंड अपनी चूत में अपने मियां का लंड समझ कर पेलवा लूंगी।

फिर मैंने मस्ती से लंड पेलवाया भी और चुदवाया भी।
उसका लंड भी बहनचोद मोटा था मुझे चुदवाने में बड़ा मज़ा आया।
दोनों ने मिलकर मुझे खूब प्यार से चोदा।

शाम को मेरा शौहर रफ़ीक आ गया।
अम्मी उससे मिलकर खुश हो गयीं।
हम तीनों में खूब बातें हुई और रात में खाना वगैरह हुआ।

फिर मैं अपने शौहर के साथ सोने के लिए अपने कमरे में चली गयी और अम्मीजान अपने कमरे में!
मैं अपने शौहर से चिपक कर लेट गयी।

मैंने पूछा- अच्छा ये बताओ, तुम्हारे दोस्त ने, जिसने मुझे चोदा था, उसकी बीवी तुमने कितनी बार चोदा?
वह बोला- उसे मैंने तीन बार चोदा। एक बार उसकी सुहागरात में, एक बार जब वह घर नहीं था तब उसे चोदा और एक बार जब वह घर में था तो उसके सामने चोदा उसकी बीवी।

मैंने पूछा- अच्छा, तुम कितनी बार अपने सामने दूसरों से अपनी बीवी चुदवा सकते हो?
वह बोला- जितनी बार मेरी बीवी चाहे दूसरों से चुदवाना … उतनी बार वह चुदवा सकती है।

मैंने पूछा- अच्छा अब तुम किसकी बीवी चोदना चाहते हो?
वह मुस्कराकर बोला- मैं तेरे अब्बू जान की बीवी चोदना चाहता हूँ।

मैं बोली- हाय दईया … तुम मेरी माँ चोदना चाहते हो?
वह बोला- हां यार, तेरी माँ तेरी जैसी ही हसीन है मुझे बहुत हॉट लगती है। उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है।

मैंने कहा- तो क्या मैं तेरा लंड उसके भोसड़े में पेल दूँ?
वह बोला- यार पेल दो तो मज़ा ही आ जाये! तुम जब अपने हाथ से मेरा लंड पेलोगी अपनी माँ की चूत में तो मुझे और ज्यादा मज़ा आएगा।

फिर मैं उठी और उसे एकदम नंगा कर दिया।
मैं भी नंगी हो गयी।

फिर मैं उसका खड़ा लंड पकड़े पकड़े अम्मी के कमरे में घुस गयी।
अम्मी भी वहां अपने सारे कपड़े खोल कर किसी का लंड चूस रहीं थी।

मेरी नज़र उसके लंड पर पड़ी तो मज़ा आ गया।

मैंने उसका भोसड़ा टटोला और अपने मियां का लंड उस पर रगड़ने लगी।

वह बोली- हाअल्ला … ये किसका लंड है तराना?
मैंने कहा- ये मेरे मियां का लंड है अम्मीजान!

हॉट माँ बेटी सेक्स के खेल में अम्मी घूम गयी, बोली- हायल्ला … लंड पेलने से पहले दिखा तो दे मुझे!
मैंने कहा- देखना बाद में हरामजादी शमीमा … मैं पहले तेरा भोसड़ा अपने मियां से लंड से चोदूँगी। मैं पेल रही हूँ अपने मियां का लंड तेरे भोसड़ा में बुरचोदी अम्मीजान।

मैंने लंड पूरा घुसा दिया अम्मी की चूत में तो उसे भी मज़ा आने लगा।
अम्मी जान मेरे मियां से भकर भकर चुदवाने लगी।

तब तक मैंने उसके हाथ से आहिल का लंड छीन लिया और चूसने लगी।
वह बोली- बेटा आहिल, तू भी घुसा दे अपना लंड मेरी बुरचोदी बेटी की चूत में। मेरे सामने चोद मेरी बेटी की चूत!

उसने जब लंड पेला तो मुझे भी बड़ा मज़ा आने लगा।

फिर हम दोनों ने खूब जम कर रात भर लंड अदल बदल कर चुदवाया और जवानी का पूरा मज़ा लिया।

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