अम्मी ने अपने बॉस से फड़वाई मेरी बुर (Sexy Beti Boss Se Chudwai)

सेक्सी बेटी बॉस से चुदवा दी मेरी सगी अम्मी ने प्रमोशन लेने के लिए. मेरी अम्मी बड़ी चुदक्कड़ हैं. और मैं भी लंड खाने को सदा तैयार रहती हूँ तो मैं ख़ुशी से चुद गयी.

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Sexy Beti Boss Se Chudwai

मेरा नाम रेहाना है दोस्तो!

यह सेक्स कहानी मेरी एक पाठिका महनूर की है, उसने मुझे अपनी आपबीती प्रकाशित करवाने भेजी है.
पूरी कहानी आप उसी महनूर के शब्दों में पढ़ें.

मेरा नाम महनूर है. मैं एक कंपनी में काम करती हूँ। मेरी अम्मी का नाम नबीहा बेगम है, वे भी एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती हैं।

आपने मेरी पिछली कहानी
अम्मी और मैंने एक दूसरी की चूत चुदवाई
पढ़ी और जाना कि मेरी अम्मी कितनी बड़ी चुदक्कड़ हैं. और मैं भी लंड खाने को हमेशा तैयार रहती हूँ.

अब मेरी और अम्मी की एक और कहानी का मजा लें जिसमें मेरी माँ ने अपनी सेक्सी बेटी बॉस से चुदवा दी.

एक दिन मैं मेकअप वैगरह करके और टाइट कपड़े पहन कर अम्मी जान के साथ उसके ऑफिस चली गयी।
कुछ काम था।

अम्मी ने मुझे बॉस से मिलवा दिया। उसका बॉस एक क्रिश्चिएन है मिस्टर इब्राहिम।
वह लगभग 45 साल का होगा।

अम्मी जान ने मुझे उससे मिलवाया, मैं उससे मिली, विश किया तो उसने मुझे और मेरी अम्मीजान को अपने सामने बैठा लिया।

वह मुझे बड़े गौर से देखने लगा और मैं भी उसे!

वह मेरी अम्मी से बोला- नबीहा जान, तुम्हारी बेटी तो बहुत खूबसूरत है। बहुत हसीन है, एकदम मस्त है। मुझे ऐसी ही लड़कियां पसंद हैं।

फिर उसने हमको चाय पिलाई।

चाय पीते पीते बोला- नबीहा तुम्हारे लिए एक गुड न्यूज़ है, तुम्हारा प्रमोशन होने वाला है। कल तुम्हारा इंटरव्यू होगा, अगर तुम उसमे पास हो गईं तो तुम्हारा प्रमोशन हो जाएगा।

अम्मी ने कहा- सर, ये सब आपके हाथ में है। आप चाहेगें तो जरूर हो जायेगा।

उसने मेरी तरफ मुस्कराकर कहा- हां मैं कोशिश करूंगा … और तुम भी तैयारी कर लो।
फिर अम्मी वहीं रह गयी और मैं अपने ऑफिस चली गयी।

शाम को अम्मी जब घर आई और मैं भी अपने ऑफिस से आ गयी.
मैंने कहा- अम्मीजान, तैयारी कर लो यह प्रमोशन तुमको हासिल करना है।

वे बोली- तैयारी मुझे नहीं, तुम्हें करनी है बेटी महनूर!
मैंने कहा- अरे ये क्या बात हुई? मुझे क्यों करनी है?
अम्मी बोली- मेरे बॉस को लड़कियां चोदने का शौक है। वह बिना लड़की चोदे किसी को प्रमोशन नहीं देता. मेरा जब पिछला प्रमोशन हुआ था तो उसने मुझे चोदा था।

मैंने कहा- तो इसमें मुझे क्या करना है अम्मीजान?
वे बोली- इस बार वह मुझे नहीं, तुम्हें चोदेगा बेटी महनूर … उसने मुझसे साफ़ साफ कह दिया कि नबीहा अपनी बेटी चुदवावोगी तो प्रमोशन मिल जायेगा नहीं तो प्रमोशन छोड़ दो। मैंने कहा नहीं सर, मैं बेटी चुदवा लूंगी मगर प्रमोशन नहीं छोड़ूंगी।

मैंने कहा- अच्छा … तो इसका मतलब तुम मेरी बुर फड़वावोगी बुरचोदी नबीहा?
वह बोली- हां यह बात तो है. आज तो तेरी बुर फटेगी। मगर एक अच्छी बात भी है। उसका लौड़ा बड़ा मस्त है। पिछली बार तो उसने चोद चोद कर मेरा भोसड़ा फाड़ डाला था। उसका लंड साला बड़ी देर तक झड़ ही नहीं रहा था। मैंने फिर जोर जोर से धक्के मार मार उसका लौड़ा खलास कर ही दिया। फिर अगले ही दिन मुझे प्रोमोशन मिल गया था।

तभी अम्मी ने बताया- वो आज अभी 8 बजे आता ही होगा।
मैंने कहा- ठीक है, मैं तैयार हूँ अपनी चूत चुदवाने के लिए मेरी कुतिया अम्मी!

शाम को सही टाइम पर वह आ गया और हम दोनों ने उसका वेलकम किया।
हम दोनों ने टाइट ट्राउज़र पहन लिया था जिससे हमारी मोटी मोटी जांघों का पता चले, उनके बीच चूत की जगह और पीछे से बड़े बड़े चूतड़ों के बीच गांड बिलकुल साफ़ साफ़ दिख रही थी।

ऊपर हम दोनों ने एक छोटी सी तंग ब्रा पहन ली थी जिसमें से बड़ी बड़ी चूचियों का साइज साफ़ साफ़ दिख रहा था।
हम दोनों माँ बेटी नहीं बल्कि बड़ी बहन और छोटी बहन नज़र आ रही थीं।

फिर हमने ड्रिंक्स चालू कर और हम तीनों मजे से व्हिस्की पीने लगे।

मैंने कहा- सर, आप बहुत हैंडसम लग रहे हो!
वह बोला- हां महनूर … लेकिन तुम बहुत ज्यादा ही हॉट दिख रही हो मुझे! तेरी माँ तो है ही बड़ी मस्त … लेकिन मुझे तुम उससे ज्यादा मस्त लग रही हो!

मैंने कहा- अरे सर, हम लोग तो आपकी गुलाम हैं। आपका हुकुम बजाने का काम करतीं हैं। आप जो कहेगें वो हम लोग करेंगीं।
वह बोला- यस आई नो … तुम सब कुछ कर सकती हो। पर क्या तुम वो भी कर सकती हो अपनी माँ के आगे जो मैं चाहता हूँ।

मैंने फिर खुल कर कहा- हां सर कर सकती हूँ। मैं बुरचोदी अपनी अम्मी जैसी ही हूँ और मेरी माँ बुरचोदी मेरी ही जैसी है। आप तो दोनों के साथ सब कुछ कर सकते हो सर!
ऐसा कह कर मैंने उसके गले में अपनी बांहें डाल दीं और उसकी चुम्मी ले ली।

मुझे तो उसे रिझाना ही था।

फिर मैं उससे चिपक गयी और अपनी चूचियाँ उसकी छाती से रगड़ने लगी।
मेरा हाथ उसका लंड टटोलने लगा।

मेरी अम्मी जान भी उसके आगे खड़ी होकर उससे प्यार करने लगीं।

उसका भी हाथ मेरी चूचियों तक पहुँच गया।

फिर मैं बड़े प्यार से उसकी पैंट खोलने लगी।
मेरा मकसद उसके लंड तक पहुंचना था।

इतने में उसने मेरे ब्रा का हुक खोल दिया तो मेरी दोनों चूचियाँ एकदम नंगी नंगी छलक पड़ी उसके आगे!

उसने बड़े प्यार से मेरी चूचियाँ चूमी और बोला- वाह, क्या बात है … कितनी मस्त चूचियाँ है तेरी महनूर … मज़ा आ गया।

तब तक मैं भी उसका लण्ड बाहर निकाल चुकी थी।
मैंने भी कहा- वॉव … क्या मस्त लौड़ा है सर आपका! इतना बड़ा लौड़ा तो मेरे बॉस का भी नहीं है। बड़ा ही नहीं, तेरा लौड़ा तो बड़ा मोटा भी है सर! लगता है तेरा लौड़ा चूत बहुत खाता है सर!

वह बोला- हां महनूर, यह बात तो सही है। मुझे लड़कियां चोदने का शौक है। मगर मेरा लौड़ा लड़कियों की माँ का भोसड़ा भी खाता है। तेरी माँ का भोसड़ा भी खा चुका है महनूर!
मैंने उसकी चुम्मी लेकर कहा- भोसड़ी के इब्राहिम, तेरे लंड की बहन की बुर … आज तेरा लंड मेरी बुर नहीं, मेरी बुर तेरा लंड खायेगी। आज तेरे लंड की ख़ैर नहीं हरामजादे इब्राहिम! मेरी बुर बहुत दिनों से लंड की भूखी है। आज तेरा लंड चबा जाएगी मेरी बुर … याद रखना!

बस थोड़ी ही देर में हम तीनों के सारे कपड़े उतर गए।
हम दोनों माँ बेटी को को नंगी देख कर उसके लंड में गज़ब का उछाल आ गया।
लंड साला लोहे की तरह कड़क हो गया।

फिर मैं सर का लंड चाटने लगी और अम्मी जान उसके पेल्हड़! फिर मैं पेल्हड़ चाटने लगी तो अम्मीजान लंड चाटने लगी।
हम दोनों माँ बेटी मिलकर उसके लंड का स्वाद बड़े मजे से लेने लगी और वह हम दोनों की चूत पर, बूब्स पर अपना एक एक हाथ फेरने लगा.

मैंने कहा- सर, आज तो तुम बहुत खुश होंगे? आज तू माँ का भोसड़ा भी चोदेगा और बिटिया की बुर भी!

फिर वह झुक कर मेरी बुर चाटने लगा।
अम्मी पूरी तरह उसका लंड चाटने लगी।
मैं बुर चटवाने का मज़ा लेने लगी।

बॉस मेरी बुर चाट कर और अपना लंड अम्मी से चटवाकर बहुत उत्तेजित हो गया.

फिर उसने घूम कर लंड अम्मी की सेक्सी बेटी यानि मेरी चूत में बड़ी बेरहमी से घुसा दिया पूरा का पूरा!
उसका मोटा लंड पूरा घुसा तो मुझे ज़न्नत का मज़ा आने लगा।

उसने चोदना शुरू किया तो अम्मी उसके पेल्हड़ सहलाने लगीं, उसके चूतड़ों पर हाथ फिराने लगी।
वह गचर गचर चोदे चला जा रहा था और मैं मस्त होती चली जा रही थी।

मैंने मजाक में कहा- तुम अपने बॉस से अपनी बिटिया की बुर फड़वा रही हो, अम्मीजान?
वह बोली- तो क्या हुआ? ये बुर चोदी बुर है ही फड़वाने के लिए। मैं नहीं फड़वाऊंगी तो कौन फड़वायेगी तेरी बुर भोसड़ी की महनूर?

फिर उसने अम्मी को बेड पर चित लिटा दिया, उसके ऊपर मुझे चित लिटा दिया।
चूत के ऊपर चूत हो गयी।

अब अम्मी की बुर नीचे, उसके ऊपर मेरी बुर, सामने बॉस का फनफनाता हुआ लंड।

वह कभी लंड मेरी माँ की चूत में पेलता तो कभी मेरी चूत में!
मेरी चूत से निकाल कर माँ की चूत में पेलता, माँ की चूत से निकाल कर मेरी चूत में पेलता.

ऐसे ही अपना लण्ड बार बार ऊपर नीचे करता हुआ पेलता रहा और हम दोनों माँ बेटी की चूत चोदता रहा।

मैंने मन में कहा ‘मादरचोद है ये बड़ा हरामी … इसे हर तरह से बुर चोदना आता है।’

हम दोनों ने भी पूरा पूरा साथ दिया और चुदाने की रफ़्तार बढ़ा दी तो फिर लंड हो गया खलास … उसने छोड़ दिया माल मेरी और अम्मी की चूत पर!

तब हम दोनों भी उसका झड़ता हुआ लंड चाटने लगीं।
फिर उसने हमारे साथ नंगे नंगे ही डिनर किया और ख़ुशी ख़ुशी वापस चला गया।

अगले दिन अम्मी जाना शाम को अपना प्रमोशन आर्डर ले कर आ गयी।
हमारी ख़ुशी का ठिकाना न रहा।

अम्मी ने कहा- बुरचोदी महनूर, ये सब तेरी चूत का कमाल है।
उसने मुझे गले लगा लिया।

प्रिय पाठको, आपको यह कहानी जिसमें सेक्सी बेटी बॉस से चुदवा दी, कैसी लगी?
मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
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