पति के बॉस के साथ सेक्सी मस्ती ने पति को उकसाया (Pati Ke Boss Ke Sath Sexy Masti)

सेक्सी लड़की हिंदी कहानी में मेरे पति के बॉस ने एक दिन हमें फार्महाउस पर बुलाया। वहां मैंने पति को कैसे अपनी चुदाई बॉस के सामने करने के लिए उकसाया, पढ़ें।

दोस्तो, मैं सिमरन अपनी एक और बीडीएसएम सेक्सी लड़की हिंदी कहानी लेकर आई हूं।

मेरी पिछली कहानी थी: बीवी के सामने उसके पति से गांड चटवाई

हाल ही में मैंने अपने पति के सामने उसी के बॉस चुदाई करवाई थी जिसे देखने के बाद मेरे पति के अंदर का मर्द भी कुछ जाग सा गया।

इस घटना के पहले वो मेरे साथ सेक्स करने में रुचि नहीं ले रहा था।
सेक्स को लेकर वो बहुत ठंडा पड़ा हुआ था, रोमांस नाम की कोई चीज उसमें दिखाई नहीं देती थी।
यहां तक कि वो दूसरी औरतों को भी देखता तक नहीं था।

लेकिन इस घटना के बाद मैंने उसको सेक्स के बारे में सोचते हुए उसके लंड को सहलाते देखा।
वो अपने लंड को सहलाते हुए लगातार मेरी सेक्सी बॉडी को ताड़ रहा था।
उसके चेहरे पर एक शरारत मैंने देखी।

फिर भी उसने मेरी प्यासी चूत को चोदने के लिए कोई पहल नहीं की।

इस वक्त मेरा बॉयफ्रेंड भी बिजी था; मेरी जिंदगी में कोई रोमांचक सेक्स घटना नहीं हो रही थी।

मैं अपने हस्बेंड के बॉस मिस्टर पॉल के बड़े लंड के बारे में सोच रही थी।
शायद मैंने उस बुड्ढे के बारे में गलत अंदाजा लगा लिया था।
नशे में उसने मेरी चूत का पानी ही निकलवा दिया होता।

हालांकि उसका लंड पूरा खड़ा भी नहीं था और बार बार चूत में से फिसलकर बाहर निकल जाता था।
इसलिए मैं सोच रही थी कि अगर वो सही तरह से होश में मेरी चुदाई करेगा तो शायद मुझे पागल ही कर देगा।
यही सोचकर कि उसका मोटा लंड मेरी गीली चूत में बेरहमी से चोद रहा है, मैं अपनी चूत को रगड़ने लगी।
यहां तक कि सोचते हुए ही मैं उसको चुदाई रोकने की भीख भी मांगने लगी।

मेरी चूत का पानी निकलने ही वाला था कि दरवाजे की घंटी बज गई।
मैंने देखा तो दरवाजे पर पॉल ही था, जो मेरे नशे में धुत्त पति को घर छोड़ने आया था।

जब मैं उसको गंभीर नजर से देख रही थी तो वह मेरी चूत में लंड डालने की उस घटना को याद कर रहा था, जो मेरे और उसके बीच कुछ दिनों पहले ही हुई थी।

उसने मेरे पति को सोफे पर लेटा दिया और मेरे पास आकर खड़ा हो गया।
मैं अच्छी तरह जान चुकी थी कि वह मेरी सेक्सी बॉडी को देखकर पहले से ही गर्म हो चुका था।
उसकी नजरें बस मेरे जिस्म पर ही टिकी थीं।

पॉल- मैं नशे में उस दिन हुई वो गलती फिर से नहीं करूंगा।
‘क्या वो मेरे दिमाग को पढ़ रहा है?’ ऐसा लगा मुझे!

फिर भी मैंने उसको ऐसे देखा जैसे कि मुझे पता ही न हो कि वो क्या कहना चाह रहा है।
पॉल- मैंने तुम दोनों को इस संडे अपने फार्महाउस पर इनवाइट किया है। अगर ये गधा भूल जाए तो इसे भी याद दिला देना। और हां, तुम्हारे बालों की पॉनीटेल मुझे अच्छी ग्रिप देगी जब मैं …
उसने मेरी चूत की ओर शरारती निगाहों से देखा.

मुझे अहसास हुआ कि मेरा पति हम दोनों की ये बातें सुन रहा था।
उसके लंड में तनाव आना भी शुरू हो गया था।

मैंने हस्बेंड के सामने पॉल के लंड का मजा लेने के लिए अच्छा प्लान बना लिया था और मुझे दिखाना भी ऐसे था कि जैसे ये सब मेरे पति की गलती से हुआ हो।

पॉल की बातें सुन सुनकर मेरी चूत सच में गीली हो गई थी।
वह हमसे मिलने के लिए मरा जा रहा था अब!
मेरे बदन की खुशबू को पाने के लिए वह करीब आना चाह रहा था।

उसका सांवला रंग और उसका आत्मविश्वास देखकर शायद मैं उसकी कुतिया बनने के लिए भी तैयारी हो जाती अगर मेरे अंदर डॉमिनेट करने वाली सिमरन न होती!
पॉल जब चला गया तो मैं अपने हस्बेंड को उठाकर अंदर ले जाने लगी।

चलते टाइम मेरे हस्बेंड ने मेरी पैंटी में हाथ दे दिया।
वह मेरी चूत को रगड़ने लगा जो पॉल की बातों से गीली हो चुकी थी।

इसलिए मेरा पति मेरी ओर हैरानी से देखने लगा।
मैंने बॉस के लंड से चुदाई का मजा लेने के साथ ही अपने पति में अपने लिए बुझ चुकी चुदाई की आग को फिर से भड़काने का प्लान किया।

अब हर दिन मेरा पति मेरी ओर सवालिया निगाहों से देखता था लेकिन ये बताता नहीं था कि उसके मन में कौन सी उलझन है।
शायद वह मुझे चोदना चाह रहा था।

जब भी मैं उसको वीकेंड पर पॉल के यहां जाने के प्लान के बारे में बताती तो उसका लंड खड़ा होना शुरू हो जाता था।
मैं समझ जाती थी कि चीजें वैसे ही हो रही हैं जैसा मैं चाह रही थी।

फिर वो दिन आ गया, जब हमें पॉल के यहां जाना था।
मैं बाथरूम में बैठी अपनी चूत को शेव कर रही थी।

मेरे हस्बेंड ने ये सब देख लिया।
उसका लंड खड़ा होने लगा।

मैंने बाथरूम में खुद को पूरी तरह से तैयार किया और बाहर आकर मैंने फूलों की पत्तियों के डिजाइन वाली एक सनड्रेस पहनी।
मेरी चूचियों की क्लीवेज और मेरी मोटे तरबूज जैसी गांड इसमें पूरी तरह से कसी हुई दिख रही थी।
और जो असली गर्म भट्टी थी, वो मेरी स्कर्ट के नीचे छुपी थी।

मेरी मोटी मांसल जांघों के कारण मेरी गांड एकदम से गोल और टाइट लग रही थी।
जहां से स्कर्ट हल्की उठी हुई थी, वहां नीचे मेरी क्लीन शेव की गई चूत थी।
मैंने नीचे से थॉन्ग पहना था जिसकी पट्टी पीछे से मेरी गांड के छेद और आगे से चूत के होंठों में धंसी हुई थी।

पॉल की चाह को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने बालों की पॉनीटेल बना ली थी।
यह पहली बार था जब मैं पॉनीटेल बनाकर बाहर जा रही थी।

जब मेरे हस्बेंड ने मेरी ड्रेस और मेरे इस हेयरस्टाइल को देखा तो उसकी आंखें जैसे फटीं रह गईं।
वो तो पॉल के यहां जाने के प्लान को ही कैंसिल करने पर उतारू हो गया था।
लेकिन मेरी खुशी देखकर उसे अपने इस फैसले को पीछे छोड़ना ही ठीक लगा।

फिर हम पॉल के फार्महाउस पर पहुंच गए।

उसने दरवाजा खोला और हमेशा की तरह हमारा गर्मजोशी से स्वागत किया।
मेरे पति से उसने जल्दबाजी में हाथ मिलाया और जल्दी से मुझे गले लगा लिया।

उसकी पकड़ मुझे बहुत मजबूत महसूस हुई।
उसने मुझे एक लम्बा हग किया जिस दौरान उसने मेरी स्कर्ट के नीचे हाथ ले जाकर मेरी गांड को भींच दिया।

मेरे पति ने जब देखा कि हमें गले मिलने में टाइम लग रहा है तो वह अंदर चला गया।

पॉल की उंगलियां मेरे चूतड़ों को खोलकर मेरी गांड के छेद तक छूकर आने की जद्दोजहद में लगीं थीं।

वह अपनी बीच वाली उंगली मेरी गांड के छेद में अंदर सरकाने में कामयाब भी हो गया लेकिन वो ज्यादा मजा नहीं ले पाया। क्योंकि मेरी गुदगुदाहट वाली हंसी सुनकर मेरा पति बाहर आ गया और हम दोनों को अलग करने के लिए मौसम के बारे में सवाल पूछता हुआ हमारी तरफ आने लगा।

उसकी आवाज सुनते ही पॉल ने अपना हाथ मेरी स्कर्ट से बाहर खींच लिया और मुझसे अलग हो गया।

पॉल- सॉरी, मेरी बीवी यहां नहीं है। उसकी तरफ से मुझे ही तुम्हारा वेलकम करना पड़ रहा है।
मैं और मेरा पति, दोनों ही पॉल की तरफ हैरानी से देख रहे थे, जब वो अपनी बीच वाली उंगली को सूंघने का मजा लेने में लगा था।

वो उस घर में असली मर्द था।
उसके नौकर हमारे लिए नाश्ता सजाने लगे।

मैंने देखा कि वे सब मेरे पति को एक के बाद एक पैग पिलाने में लगे थे।
पॉल ने मेरी तरह सिर्फ ओरेंज जूस ही पीया।

फिर वो हमें उसका फार्महाउस दिखाने ले गया।
मैं अपने पति की नशेड़ियों वाली चाल को संभालते हुए उसके साथ चल रही थी।
पॉल हमारे पीछे ही था, और उसकी वासना भरी नजरें मेरी गांड पर ही टिकीं थीं।

मेरे पति का ये चौथा पैग था जो उसने हाथ में लिया हुआ था।

मुझे पता था कि वो घर में लगी पेंटिंग, कलाकारी और दूसरे बेशकीमती कलेक्शन को देखने की बजाय इस बात में ज्यादा ध्यान लगा रहा था कि मेरे और उसके बॉस के बीच क्या नैन-मटक्का चल रहा है।
उसने अपनी ड्रिंक को गले में पूरा उड़ेला और दूसरा पैग लेने के लिए चला गया।

इसी पल का फायदा उठाते हुए पॉल ने मुझे एक खाली स्टोर रूम में खींच लिया।
मैं भी उसको तरसाने के लिए खिलखिलाती हुई कमरे में यहां वहां भागने लगी।

वह मुझे अपने शिकार की तरह झपटने में लगा हुआ था।

पॉल ने मुझे आखिर में पकड़ लिया और मेरी बॉडी पर कब्जा करते हुए मुझे कसकर भींच लिया।

मेरा मुंह दरवाजे की तरफ था तो मैंने देखा कि दरवाजे के पास किसी की परछाई थी।

पॉल को मैं सावधान करने वाली ही थी कि उसने मेरी गांड को जोर से थपथपा दिया और मेरी सिसकारी निकल गई।

पॉल- डर्टी बिच! मुझे पता है कि तू मेरा काला, मोटा लंड अपनी चूत में फिर से लेने के लिए तड़प रही है। लेकिन तू अपनी चूत आसानी से मुझे देना नहीं चाहती!
कहते हुए वो लगातार मेरी गांड पर चमाट मार रहा था।

मैं- आह्ह … धीरे पॉल! नॉटी! मेरा पति है वहां! उसने देख लिया तो! मेरी गांड में उंगली कहीं और करना, चलो यहां से निकलते हैं!

पॉल पहले बाहर निकल गया।
उसने मेरे पति को देख लिया और ऐसा चेहरा बनाया जैसे उसे मेरे पति के होने से कुछ फर्क ही न पड़ा हो।

उधर मेरे पति ने मुझे नीचे से मेरी ड्रेस को ठीक करते हुए देख लिया।
उसने कुछ नहीं कहा लेकिन हाथ में लिया अपना पांचवा पैग एकदम से गटक गया।

पॉल- जल्द ही लंचटाइम हो जाएगा। तो अगर तुम दोनों को भूख नहीं लगी है, तो इस शॉर्ट ट्रिप के बाद जरूर लग जाएगी।

मैं अपने पति के पीछे खड़़ी थी और मैंने पॉल को अपनी लाल थॉन्ग (पैंटी) को उजागर कर दिया।
यह देख पॉल का चेहरा उत्तेजना में एकदम से लाल हो गया।

मैं अपने होंठों को आपस में काटते हुए उसके जोश और ज्यादा भड़काने में लगी थी।
मैं- ओह, मुझे कुछ ज्यादा की भूख लगी है!

पॉल जल्दी से घूम गया क्योंकि उसके लंड का तंबू उसकी पैंट को अब फाड़ने को हो गया था।

लंच के लिए हम बाहर उसके छोटे बंगले की ओर जाने लगे।
मैं पीछे थी और मेरे पति मुझसे एक हाथ की दूरी पर थे।
चलते हुए पॉल के कंधे मेरे कंधों को छू रहे थे।

हम दोनों को बातों में मशगूल होते देख पति ने अपनी चाल थोड़ी धीम कर ली।

मैं- मैं जरा हल्की होना चाहती हूं!
मैंने मासूमियत से पॉल को कहा.
पॉल- हां तो उन झाड़ियों के पीछे जाओ, हम नजर रखेंगे।

मैं झाड़ियों की ओर जाने लगी। मैं ऐसी जगह जाकर अपनी टांगें चौड़ी करके गांड दिखाती हुई बैठ गई, जहां से वो दोनों मेरी तरफ देख तो सकते थे, लेकिन वो मुझे ढूंढ नहीं सकते थे।

तब मैं बोली- पॉल, मुझे यहां तुम्हारी थोड़ी मदद चाहिए।
मेरे पति- ये क्या बकवास है! मेरा मतलब … हनी, मैं हूं यहां तो इसे क्यों बुला रही हो?

पॉल- गधे, तुझसे तो यहां खड़ा ही मुश्किल से हुआ जा रहा है। सिमरन … मैं आ रहा हूं।

तब पॉल जल्दी से मेरी तरफ चलकर आया।
मेरी मोटी नंगी गांड के साथ मुझे यूं जांघें फैलाए बैठी देख उसका मुंह खुला का खुला रह गया।

वह जल्दी से बैठकर मेरी गांड की दरार से लेकर मेरी चूत के होंठों तक उंगलियों से सहलाने लगा।

मैं भी अब जानबूझकर गुदगुदाहट वाली हँसी हँस रही थी ताकि मेरे पति के मन में जो बचा-कुचा शक है, वो भी पूरी तरह से यकीन में बदल जाए।
मैं- पॉल, बंद करो ये सब (खिलखिलाते हुए), मुझे पेशाब करना है … करने दो मुझे!

पॉल- ठीक है, तो कर लो अब!
उसने मेरी गांड को थाम लिया और मुझे हवा में उठाते हुए मेरी टांगों को चौड़ी फैला दिया।

अब मैं खुद को मोटी तो नहीं कहूंगी लेकिन मुझे उठाने के लिए किसी मर्द में बहुत ज्यादा मर्दाना ताकत लगती है।

पॉल मेरे पति से बूढ़ा था लेकिन उसने अपनी मर्दानगी दिखा दी- अब मैं तुम्हारे पति की जगह ही हूं!
मैंने अपने पति की ओर मुंह करके झाड़ियों में से पेशाब का फव्वारा छोड़ा।

इस वक्त मेरा पति इसी के लायक था।

जब मेरी चूत से पेशाब की आखिरी बूंद टपक चुकी तो पॉल ने मुझे उसके कंधों पर बैठा लिया।
उसने मेरी चूत के एरिया में अपना मुंह दे दिया और पेशाब में भीगे मेरी चूत के होंठों को चूसने लगा।

अपनी जीभ से उसने मेरी चूत के दोनों होंठों को अलग अलग खोल दिया।
वह मेरी चूत के अंदरूनी नर्म होंठों को चूसने लगा।

मेरी चूत उसके मुंह के भीतर थी और एक 53 साल के मर्द की चूसने की ताकत का अहसास कर रही थी।

मैंने उसके गंजे, पसीने में चमकते सिर को पकड़ लिया और अपनी चूत को उसके मुंह में धकेलने लगी।
इस जोशीली चूत चुसाई के दौरान मैंने अपनी सिसकारियों को अपने मुंह पर हाथ लगाकर रोका हुआ था।

हम झाड़ियों में इसका पूरा मजा ले रहे थे।
मेरे पति से रुका न गया तो उसने आखिरकार हमें आवाज दी।

पॉल तब भी नहीं रुकता अगर उसे मेरे पति के हमारी तरफ आने की आहट सुनाई न देती।
उसने मुझे नीचे उतार दिया लेकिन मेरी पैंटी को ले गया।

उसकी इस हरकत पर मैं खिलखिलाकर हंस पड़ी, कि देखा पति सामने खड़ा था।
पॉल ने फिर से मेरे पति को बेपरवाही से देखा और वहां से चला गया।

अब मैं और मेरे पति एक साथ चल रहे थे।

पॉल हमें बंगले की ओर ले जा रहा था।
कोई कुछ नहीं बोल रहा था कि मेरे पति ने मेरी स्कर्ट में हाथ डाल दिया।

उसने पाया कि मैंने पैंटी नहीं पहनी है, और मेरी तरफ गंभीर निगाहों से देखा।

लेकिन मैं पॉल की ओर तेजी से चली और बंगले में पहुंचने तक उसके साथ ही रही।
बंगले के दरवाजे पर पहुंचने के बाद पॉल ने पसीना पौंछने की सोची।

उसने रुमाल निकालने के लिए हाथ जेब में डाला लेकिन रुमाल की जगह मेरी लाल पैंटी निकली।

जब उसे पता लगा कि पैंटी निकल आई है, उसने बड़े प्यार से वो वापस रख ली।

हम दरवाजे पर थे लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।
पॉल ने मेरे पति को दूसरी तरफ के दरवाजे पर जाकर नौकरों को देखने के लिए कहा।

पति दूसरी ओर जाने लगा।
पॉल ने मेरी गांड को भींचते हुए मुझे दरवाजे से सटा दिया।
उसने अपनी पैंट को नीचे खींचकर अपना काला, मोटा, तना हुआ लंड मुझे दिखा दिया।

मैं उसे तरसाने लगी लेकिन इतने में पति आ धमका, उसने हमें ये सब करते हुए देख लिया।

पति- तो अब तुम इस गंजे, बुड्ढे से चुदना चाहती हो? तुम्हें हो क्या गया है हनी?

अब मेरे लिए पार्टी बदलने का टाइम था।
पॉल इस धोखे के लिए तैयार नहीं था, जो उसे अब मिलने जा रहा था।

मैं- ये होता कौन है मुझे ये कहने वाला कि मैं अब सेक्सी नहीं दिखती हूं?
मेरा पति अब मेरी ओर बढ़ा और अपनी पैंट उतार दी।

उसके लंड में पूरा तनाव आकर खून तेजी से दौड़ रहा था।
यह वैसा ही था जैसा हमारी शादी के शुरू के दिनों में होता था।

पॉल (पति से)- जुबान पर काबू रख कुत्ते, भूल मत कि मैं तेरा बॉस हूं!
मेरे पति- गांड मरवा जाकर, बुड्ढे साले। कम से कम मैं अपने लंड को खड़ा करने के लिए दवाई तो नहीं लेता! तू ही मेरे दारू के गिलास में नशा मिलाता है, है ना? घटिया है तू … तू हमेशा से मेरी बीवी पर गंदी नजर रखता आ रहा था जब से मैंने ऑफिस में इसकी फोटो तुझे दिखाई थी।

अब मेरे लिए भी पर्दा उठाने का वक्त था।
मैं अपने औरतों वाले गुर दिखाना चाहती थी, इससे पहले कि मेरा पति मुझ पर हावी हो जाता।
क्योंकि मैं दोनों में किसी को भी खुद पर हावी नहीं होने देना चाहती थी।

मैं पति से- तो तुमने मुझे ये सब पहले क्यों नहीं बताया? हम इस मामले का कोई समाधान निकाल लेते! इसका मतलब तुम चाहते थे कि तुम्हारी बीवी इस बुड्ढे से सेट हो जाए?

पॉल ने मेरी तरफ ऐसे देखा जैसे कि उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई हो।
जब मैंने पति से बात करते हुए उंगली को उसकी तरफ किया तो उसका सारा आत्मविश्वास डगमगा गया।
पति- ये सच नहीं है हनी … मैं तुमसे अब भी बहुत प्यार करता हूं … मैं बस … मैं … वो …

मैं बोली- तो आओ, और मुझे इस जानवर के सामने ही बुरी तरह चोदकर दिखा दो। दिखा दो इसे कि ये चूत तुम्हारी है।

पति मेरे करीब आया और उसका आत्मविश्वास इस वक्त सातवें आसमान पर था।
उसने मेरी गांड से मुझे उठाते हुए अपना प्रीकम से सना लंड मेरी गीली चूत में उतार दिया।

वो मेरी चूत को ऐसे पेलने लगा जैसे उसने सुहागरात में मेरी चुदाई की थी।
मुझे इन दोनों मर्दों को अपने कंट्रोल में करना था, इससे पहले कि ये मेरे कंट्रोल से बाहर हो जाते।

अब मैं पॉल से भी रिक्वेस्ट करने लगी कि वो मेरे पति की सिचुएशन को समझने में मदद करे।

मैं पति के कान में फुसफुसाते हुए- मैं तुम्हें दिखाना चाहती हूं कि ये बुड्ढा कैसे मेरी चूत के लिए मरा जा रहा था।
दोनों को ही मैं अपनी बातों में उलझा कर रख रही थी।

मैं पॉल से- घुटनों पर आ जाओ पॉल, अपने कान पकड़ो और एक लंड की तरह बन जाओ, जो मुझे चोदने के लिए मरा जा रहा हो।

यह सुनते ही पॉल ने मेरा कहा माना, जैसे वह इसके लिए ही मरा जा रहा हो।
इसी वक्त मेरे पति ने मेरी चूत में और जोर से झटके मारने शुरू कर दिए।

अब पॉल घुटनों पर आकर आगे से जीभ नीचे ले जाते हुए मेरी चूत चाट रहा था और उसका लंड नीचे जमीन को छू रहा था, जिसे देख मेरे अंदर भी चुदास बढ़ रही थी।

मुझे अब यहां से निकलना था, इससे पहले कि मैं पॉल के लंड का शिकार बन जाती या फिर मेरा पति ही मुझ पर हावी हो जाता।
मैं पति के कान में फुसफुसाते हुए- चलो, यहां से निकलें, मुझे पता है कि तुम मुझे बहुत प्यार करते हो। हम फिर से शुरू करेंगे, लेकिन फिलहाल इस जंगली सूअर के यहां से चलो।

पति ने मेरी चूत में झटके देना बंद किया और मुझे नीचे उतार दिया।
उसे खुशी हो रही थी कि मैं अब उसकी तरफ थी।

पति आगे-आगे और मैं उसके पीछे-पीछे वहां से चल निकले।

जब मैं पॉल के करीब से गुजरी तो मैंने उसका लंड पकड़ लिया और धीरे से फुसफुसाकर कहा- मैं तुम्हें कॉल करूंगी!
लेकिन जैसे ही मेरे पति ने मुड़कर मुझे देखा तो मैंने नफरत भरा चेहरा पॉल की तरफ बना लिया जैसे कि मैं सिर्फ अपने पति से ही प्यार करती हूं।

तो दोस्तो, इस तरह से मैंने अपने पति को उसकी खोई सेक्स पावर पाने के लिए बॉस के सामने उकसाया।
जहां तक मेरे पति के बॉस की बात है, मैं अगली स्टोरी में आपको बताऊंगी कि आगे क्या हुआ।

लेकिन आपको उससे पहले मुझे कमेंट्स में ये बताना है कि आपको ये सेक्सी लड़की हिंदी कहानी कैसी लगी।

अगर आप में से कोई भी मेरे साथ इसी तरह की बीडीएसएम फैंटेसी पूरी करना चाहता है, या फिर एक असली देसी इंडियन लड़की को वीडियो कॉल पर नंगी देखना चाहता है, तो यहां क्लिक करे।

About Abhilasha Bakshi

Check Also

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-16 (Lagi Lund Ki Lagan Mai Chudi Sabhi Ke Sang- Part 16)

This story is part of a series: keyboard_arrow_left लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *