पति के सामने उसके दोस्त से चूत गांड मरवायी (Pati Ke Dost Se sex)

मेरे पति का लंड ढीला था तो मैं गैर मर्दों से चुदाई करवाती थी। एक रात मेरे पति को एक दोस्त घर छोड़ने आया। मैंने पति के सामने उसके दोस्त से सेक्स किया.

कुछ दिन पहले मेरे नीरस पति शम्भू को व्हाट्सएप पर एक अनजान व्यक्ति से एक फोटो मिला।
उसने फोन को मेरे मुंह के सामने किया और उसके बारे में मुझसे गुस्से से पूछने लगा।

अब मैं कैसे बताती कि मैं दो हैंडसम मर्दों के बीच में क्या कर रही थी? जिनका लंड एक मेरी गांड में था और दूसरा मेरी चूत में!

हैलो फ्रेंड्स, मैं आपकी सेक्सी बेब सिमरन फिर से आ गयी हूं. आपको बताऊंगी कि मैं उन दो मर्दों के बीच में क्या कर रही थी।

मेरी पिछली कहानी थी: पड़ोस के जवान लड़के को दी छेड़खानी की सज़ा

कुछ हफ्ते पहले मैंने शम्भू को ऑफिस के एक जरूरी काम को लेकर झूठ बोला था क्योंकि मुझे अपने एक्स बॉयफ्रेंड को उसके बर्थडे पर गिफ्ट देने जाना था।

गिफ्ट में उसको मिली एक सफेद इटालियन मोजे पहने उसकी गोद में बैठी एक बेवफा बीवी (यानि कि मैं)।

चुदाई के कई राउंड होने के बाद मेरे बॉयफ्रेंड से मेरी चूत में लंड डाले हुए की फोटो नहीं ली जा रही थी।
तब उसके दोस्त ने उसकी मदद की।

वो एकलौता मर्द था जिसने मेरी गांड में बिना कोई शान दिखाए लंड डाला था।

मैंने अपने पति को कहा- सुनो शम्भू, वो फोटो बहुत पुरानी है। उस वक्त हमारी शादी भी नहीं हुई थी। इसको डिलीट कर दो और भूल जाओ।

मुझे लगा कि शम्भू मेरे जवाब से संतुष्ट नहीं था। उसने विवाद शुरू करना चाहा लेकिन मैं सिर दर्द का बहाना बनाकर बेडरूम में चली गयी।

अगली सुबह, मेरी आंख एक रिदम पूर्ण धक्कों की स्पीड के साथ खुली जो कि मेरे बदन में नीचे के हिस्से में लग रहे थे।
असमंजस भरी नजर से मैंने देखा कि मेरा पति शम्भू मिशनरी पोजीशन में मुझे चोद रहा था।
मगर उसका लंड पिलपिला ही था। उसमें चोदने लायक तनाव नहीं था।

मैंने उसको अपने बदन से दूर धकेल दिया और वो फर्श पर जाकर फिसलते हुए नीचे धड़ाम से गिर पड़ा।
मैं इस नजारे का मजा ले रही थी।

शम्भू उठा और रोने लगा- तुम्हारी दिक्कत क्या है? तुम दूसरों को अपनी चूत और गांड चोदने देती हो, मुझे नहीं, क्यों?

“पहले अपने इस बेजान लंड में जान डालो!” मैंने सीधा जवाब दिया।
“मैंने तुम्हारी सारी चैट पढ़ी हैं कि कैसे तुम दूसरी औरतों को चोदने की बात करते हो। जिस आदमी ने मेरे साथ चुदाई की कम से कम उसमें ऐसा करने की हिम्मत तो है! तुम्हारे इस मरे हुए लंड का मैं क्या करूंगी?”

मैंने शम्भू के सोये हुए लंड को देखा और अपने मुंह पर हाथ रखकर हंसने लगी।
मैं बोली- अपने वाहियात दोस्तों के साथ जाओ और करो जो तुम करते हो शनिवार को उनके साथ।

शम्भू वैसे तो सायं के समय तक घर लौट आता था मगर उस दिन वो नहीं आया।
उसने कोई मैसेज भी नहीं किया।

मैंने भी उससे पूछना जरूरी नहीं समझा। मैंने पास से ही खाना मंगवा लिया और अपने एक्स बॉयफ्रेंड से चैट करने लगी।

उसने बताया कि उसने शम्भू को वह फोटो इसलिए भेजी थी ताकि वह मेरी फिगर की कद्र करे।
मैंने उसको बताया कि इसका कोई फायदा नहीं है।

इसके बाद मैंने टॉपिक बदल दिया।

मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ गंदी बातें कर रही थी कि तभी दरवाजे की घंटी बजी।
खीझते हुए मैं दरवाजे तक गयी।

चाबी शम्भू के पास भी थी। मुझे लगा कि वह ये सब मेरा मूड खराब करने के लिए कर रहा है।

जब मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि एक अजनबी शम्भू के साथ दरवाजे पर खड़ा हुआ उसको खड़ा रहने में सहारा दे रहा था।
मेरे पति ने बहुत ज्यादा पी रखी थी।

जब पति ने मेरी तरफ देखा तो नशे की हालत में कहा- अपने आशिक के साथ सेक्स कर रही थी क्या?

मैं वहां पर कोई तमाशा नहीं खड़ा करना चाहती थी इसलिए मैंने उस अजनबी को जल्दी से अंदर आने के लिए कहा।
उसने शम्भू को अंदर खींचा और सोफे पर ले जाकर बैठा दिया।

वो आदमी मेरी बॉडी को घूर रहा था।
गलती उसकी नहीं थी। मैंने एक पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थी। उसके नीचे मेरी ब्रा रहित नंगी चूची थी। नीचे मैंने एक सफेद रंग का थॉन्ग पहना था।

अपने यार के साथ बातें करते हुए मेरी चूत गर्म हो चुकी थी. मगर शम्भू ने बीच में आकर सब खराब कर दिया।
मैंने मन ही मन कहा कि आज मैं इस शम्भू को एक अच्छा सबक सिखाऊंगी कि यह अपनी बीवी की कद्र करना सीख जाएगा।

मैंने शम्भू के कपड़े उतारने शुरू कर दिये। इस दौरान वो अन्जान आदमी मेरी गांड को घूरता रहा।
शम्भू- तुम मेरे कपड़े क्यों उतार रही हो? न … न … नहीं मेरी पैंट मत उतारो।

मैं- रोको मत हनी … मैं तुम्हारे लंड की कमजोरी को दूर करने की कोशिश कर रही हूं।
शम्भू- समीर, दोस्त अब तुमको निकलना चाहिए और थैंक्स … अरे! मेरी बीवी को ऐसे मत देखो!

मैंने शम्भू को कुर्सी पर नंगा करके बैठा दिया। मैं उसके लंड की मुट्ठ मारने लगी।
वह बिल्कुल मुरझाया हुआ था और उसमें हिलाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी।

मैं- मुझे तुम्हारे दोस्त समीर को घर से बाहर ले जाने दो, उसके बाद हम सेक्स करेंगे। तब तक तुम अपने पूरे कपड़े उतार लो और अपने लंड को तैयार कर लो।

फिर मैं गैलरी में कैटवॉक करती हुई गयी ताकि समीर को उकसा सकूं. मैंने उसको अपनी उंगली के इशारे से अपनी तरफ बुलाया।
वो मेरे पास एक शरारती मुस्कराहट के साथ आया और अपनी पैंट उतारने लगा।

शम्भू इतने नशे में था कि वो ये देख भी नहीं पा रहा था कि हम दोनों कहां हैं और क्या कर रहे हैं।

मैं- इतने उतावले मत हो जाओ गधे! तुम वही हो ना जो अपने घटिया दोस्तों के व्हाट्एप ग्रुप में रंडियों को बुलाने की बात करते रहते हो? अपने पति के मुंह से मैंने तुम्हारा नाम बहुत बार सुना है।

समीर- तुम्हें मेरा तुम्हारे पति को घर तक ठीक ठाक पहुंचाने के लिए धन्यवाद करना चाहिए।

उसकी मेरे साथ सेक्स करने की सारी उम्मीदें जैसे खो गयी थीं।

जब वो मेरे पास से मुड़कर वापस जाने लगा तो मैंने उसकी पैंट की खुली जिप में हाथ डालकर उसके लंड को पकड़ लिया।

वो मेरे जितनी हाइट का व्यक्ति था और उसके शरीर में ज्यादा मांसपेशीय ताकत भी नहीं थी।

मैं- ओह्ह गॉड!! कितना बड़ा है तुम्हारा!!
जब मैंने उसके लंड का साइज नापा तो मेरा मुंह खुला का खुला रह गया।

उसका चेहरा पीला सा पड़ गया था क्योंकि उसका सारा रक्त उसके लंड की ओर बहने लगा था।
इतना मोटा लंड था कि मुझे उसको दोनों हाथों से पकड़ना पड़ रहा था।

समीर- अब तुम्हें पता चला कि मैं रंडियों को लाने की बात क्यों करता रहता हूं?
उसने अपने दांत भींचते हुए मुस्कराकर कहा.

मेरे हिलाने से उसका लंड अधिक कठोर और गर्म होता जा रहा था।
मैं अपने होंठों को मजे में आपस में काट रही थी।
मुझे डर था कि उस पर हावी होने की अपनी क्षमता मैं खो दूंगी।

समीर- सुनो सिमरन, एक औरत की बॉडी लैंग्वेज मैं समझ सकता हूं। तुम सेक्स करने से पहले अपने प्रेमी पर हावी होना पसंद करती हो। मुझे भी ये पसंद है। मुझे औरतों और उनकी इच्छाओँ को संतुष्ट करना पसंद है। इस बेवकूफ ने बार में मुझे तुम्हारी फोटो दिखायी थी जिसमें तुमने अपनी चूत और गांड में लंड लिये हुए थे।

मैंने बीच में टोकते हुए कहा- और तुमने भी मेरी चूत का रस चखने की ठान ली। मगर तुम्हें पता होना चाहिए कि मेरी इच्छा थोड़ी हटकर होती है और …

बीच में मुझे टोकते हुए समीर बोला- मैंने यह सब करके देखा हुआ है। अब तुम मुझे कैसे खुश करोगी?

मैंने समीर को अपना प्लान बताया और वो इसका भागी बनकर खुश था।

हम दोनों लिविंग रूम में चले गये और शम्भू के सामने जाकर खड़े हो गये।
वो सोफे पर नंगा लेटा हुआ था; वो हमें देखकर हैरान हो रहा था।

शम्भू- ये क्या बेहूदगी है? मैंने सोचा तुम चले गये समीर!
समीर- हां, मैं तुम्हारा मोबाइल फोन वापस लौटाने आया था। हां, और उस फोटो को डिलीट कर देना। ये तुम्हारी शादी से पहले की फोटो है।

मैं- तुमने उसे ये फोटो क्यों दिखाई?
मैंने शम्भू के कंधे पर मारते हुए कहा.

शम्भू- सुनो, वो मेरा दोस्त है और मैं अपनी प्रॉब्लम (अपने लंड को छूते हुए) से परेशान था। मेरी उम्र के मर्दों में यह आम समस्या है। समझी?

मैं- बहाने मत बनाओ शम्भू! तुम मान लो कि तुम्हारा लंड अब बेदम हो चुका है।
हम दोनों ने शम्भू को उसके कमजोर लंड के लिए ताने दे देकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया.

उसे गुस्सा आने लगा और थोड़ी देर के बाद उसका गुस्सा बाहर फूट पड़ा।

शम्भू- चुप करो तुम दोनों! मेरे लंड में कोई दिक्कत नहीं है। ये तुम हो सिमरन जिसके चेहरे का आकर्षण अब खत्म हो चुका है।

मैं जानती थी कि एक मर्द जिसका लंड खड़ा नहीं होता वो ऐसे ही बहाने बनाता है। शम्भू मेरे जाल में फंसता जा रहा था।

समीर और मैंने एक दूसरे की ओर देखा और मुस्कराने लगे।

समीर- कमॉन, सिमरन अभी भी उतनी ही हॉट है। मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए मगर उसको देखते ही मेरा तो लंड खड़ा हो गया।
शम्भू- समीर, तुम उसकी तरफदारी मत करो। ऐसा करो, तुम मेरे घर से निकलो; जाओ यहां से।

मैं- तुम सच्चाई को कुबूल नहीं कर रहे हो। तुम जानते हो कि तुम्हारे दोस्त का लंड मेरी तरफ देखकर खड़ा हो रहा है। मगर तुम्हारा अहम तुम्हें वो देखने नहीं दे रहा! यू लूजर!!

शम्भू अब इसे लेकर गंभीर हो गया और ये सही वक्त था अगला कदम बढ़ाने का!
मैंने समीर को उसके कपड़े उतारने के लिए कहा और उसे हम दोनों के सामने नंगा होकर खड़ा होने के लिए कहा।

उसने वही किया और अपने तने हुए लंड को मेरे सामने करके खड़ा हो गया. उसके लंड की नसें तक फूल चुकी थीं।

मैं- देखो, मर्द मेरी ओर देखकर ये महसूस करते हैं। वो मर्द जिनका लंड जवान और कुछ करने लायक होता है।

शम्भू लगातार समीर के लंड की ओर देखे जा रहा था; उसके चेहरे पर मायूसी आ गयी थी।

उसने फिर मेरी तरफ देखा और गुस्से में चिल्लाया- अगर तुम्हें उसके लंड से इतना ही प्यार है तो जाओ, चुदवा लो उससे ही!

समीर अब शम्भू के गुस्से को शांत करने लगा.

मगर मैंने बीच में बोलते हुए कहा- उसे मत समझाओ समीर! अगर उसने कहा है कि मैं तुम्हारे लंड के साथ मजे करुं तो यही सही।

मैंने समीर अपनी बांहों में ले लिया और उसके लंड को शम्भू के सामने ही दोनों हाथों से पकड़ कर हिलाने लगी।
समीर ने मुझे कसकर अपनी बॉडी से चिपका लिया और मेरे गोल गोल चूतड़ों को भींच दिया।

समीर- तुम्हें लगता है कि ये सब सही है?
मैं- आह्ह … तुम उसकी चिंता मत करो। मैं उसे समझा दूंगी कि उसने एक बुरा सपना देखा था।

शम्भू- तुम चिंता मत करो समीर, तुम जल्दी ही ठंडे पड़ जाओगे, सिमरन में वो गर्मी नहीं है अब!

मैंने अपनी नाइटी उठा दी और अपनी गांड को उन दोनों के सामने लहराने लगी।
मैं- समीर, मेरे पास आओ, मैं तुम्हारे लंड पर अपनी गांड रगड़ना चाहती हूं।

समीर ने मेरे पास आकर अपने गर्म लंड को मेरी गांड की दरार पर रखा और उसको रगड़ने लगा।
वो गाली देते हुए मेरी गांड पर चांटे मारने लगा।

समीर- ओह! बहुत मजा आ रहा है। अपनी मोटी गांड को मेरे लंड पर रगड़ो। काश मैं तुम्हारा पति होता। मैं रोज तुम्हें घंटों तक चोदता।
मैं- आह्ह … मैं जानती हूं कि तुम्हें मेरी मोटी गांड पसंद है। इसे तेज तेज पीटो। मेरे पति को भी पता चलने दो कि पराये मर्दों को मेरी गांड कितनी पसंद है।

समीर अपनी जांघों पर बैठ गया और मेरी गांड को चाटने लगा।
उसने मेरी गांड को चौड़ी करके खोलने से पहले अपनी लसलसी जीभ को मेरी गांड पर हर जगह घुमाया।

मैं- ओह! समीर, तुम बहुत ही गंदे आदमी हो। मुझे नहीं लगता कि मेरे पति तुम्हें मेरी गांड और चूत को चाटते हुए देखना पसंद करेंगे।

शम्भू अपनी उंगलियों को अपने सोये पड़े लंड पर फिरा रहा था।
वो देख रहा था कि कैसे समीर मेरी गांड पर हर जगह चाट रहा है।

मैं भी जानबूझकर तेज कामुक आवाजें करते हुए उसको चिढ़ा रही थी।

समीर ने अपनी बीच वाली उंगली मेरी गांड के छेद में डाल दी।
साथ ही वह मेरी गीली चूत को चाटने भी लगा।

मैं शम्भू के करीब चली गयी। मैं ये देखकर हैरान हो रही थी कि उसके लंड में भी जान आने लगी थी।

मैं- ओह्ह … देखो, तुम्हारे लंड को पराये मर्द से मेरी चूत चाटते देखना कितना अच्छा लग रहा है, देखो कितना सख्त हो गया है।
समीर- तुम बिल्कुल गलत थे शम्भू, तुम्हारी बीवी बहुत हॉट है। तुम कैसे इसे नहीं चोदते हो?

मैं- हम्म …. आह्ह … समीर … आह्ह चाटो … मेरी टपकती चूत को चाटो … आह्ह … कुछ सीखो इससे शम्भू।

अब मैं अपने पति के लंड को मुठियाने लगी।
मैं चाहती थी कि उसमें और ज्यादा तनाव आये।
मेरी गर्म सांसों और गंदी बातों ने उसके लंड में एकदम से जान फूंक दी थी।

मैं- समीर, मैं तुम्हारे मोटे लंड को अब चूसना चाहती हूं। मेरे पति को भी देखने दो कि उसकी बीवी कैसे एक गैर मर्द के लंड को रंडी की तरह लपरती है।

समीर अब फर्श पर लेट गया और मेरी गांड को अपने मुंह पर दबा लिया।

हमारी 69 की पोजीशन अब शम्भू को इतना कष्ट दे रही थी कि उसकी सूरत रोनी हो चली थी।
मैंने उसकी भावनाओं के बारे में नहीं सोचा और समीर के तने हुए सख्त लंड पर ध्यान देने लगी।

समीर के लंड को मैंने हाथ में भर लिया और उसकी गोटियों को चूसने लगी।

वो मेरी गांड को चाटते हुए आनंद में सिसकारियां ले रहा था; मैं भी अपनी गांड को उसके मुंह पर रगड़ रही थी।

मेरा पति अपने पूरे कड़क हो चुके लंड की मुठ मार रहा था और संतुष्ट हो रहा था।
उसका चेहरा लाल हो गया था।
उसकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं।

मैंने समीर के लंड को तेजी से चूसना शुरू कर दिया.
मेरी सुपड़ने की आवाजें शम्भू को और ज्यादा उत्तेजित कर रही थीं।
अपनी लार से तरबतर करने के बाद मैंने उसके लंड को अपने गले तक ले लिया।

समीर ने मेरी गांड पर से मुंह हटाकर ताजा हवा में सांस ली और फिर से मेरी गांड पर अपनी नाक को टिका दिया।
मैंने अपने पति के लंड को देखा और पाया कि अब आखिरी काम करने का वक्त आ गया है।

हम दोनों खड़े हो गये। समीर ने मुझे मेरी गांड से पकड़कर थाम लिया। उसने मेरी चूत पर अपने लंड को रगड़ा और मेरी टपकती चूत में उतार दिया।

शुरू में वो आराम से धक्के लगाने लगा क्योंकि उसके मोटे लंड को मेरी चूत में जगह बनाने में वक्त लगना था।

एक बार जब उसका लंड मेरी चूत में आसानी से अंदर बाहर होने लगा तो उसने अपना सेक्स कौशल दिखाना शुरू कर दिया।

समीर अपनी गांड को तेजी से चलाने लगा.
मेरी चूत अब तेजी से चुदने लगी।

मैं इतनी जोर से चिल्ला रही थी कि उसको मेरी आवाजें बंद करने के लिए मुझे होंठों पर किस करना पड़ रहा था।
मेरी गांड पर पड़ रहे उसके लंड के थपेड़ों की आवाज हम दोनों को आनंद की अलग ही दुनिया में ले गयी थी।

मैं- याह … फक … आह्ह … चोदो … मेरे पति के सामने मेरी चूत को चोद दो। रंडी की तरह मुझे पेलते रहो आह्ह … शम्भू … तुम देख रहे हो न?

समीर- आह्ह … यस … मजा आ रहा है। तुम्हारा गर्म बदन मुझे वहशी बना रहा है सिमरन!
खड़े खड़े चोदते हुए समीर अब मेरे चूचों को भी चूस रहा था।

अब उसने मेरा मुंह शम्भू की ओर कर दिया और मेरी टांग उठा दी।

मैंने उसको गर्दन में से पकड़ लिया और उसने बगल से मेरी चूत में लंड उतार कर उसे फिर से पेलना शुरू कर दिया।

यह नजारा मेरे पति के लिए ज्यादा उत्तेजक था क्योंकि हम दोनों ही उसके चेहरे की ओर देख रहे थे।

समीर फिर से मेरी चूत को लंड से चोदने लगा था और मेरी सिसकारियों को रोकने के लिए मेरे निप्पलों को मसल देता था।

शम्भू अब तेजी से अपने लंड की मुठ मार रहा था।

मैं- समीर, मुझे शम्भू को मेरी चूत का स्वाद चखाने दो। अपनी बीवी को दोस्त से चुदवाते हुए देखकर उसका लंड फिर से जी उठा है।
मैंने अपनी गांड को अपने पति की ओर कर दिया और अपनी चूत पर उसके लंड को रगड़वाने लगी। इस बीच समीर ने मेरे मुंह में लंड दे दिया था और आगे से मेरे मुंह को चोद रहा था।

अब मेरे मुंह में उसका लंड फंस गया था और वो आगे की तरफ झुक कर अब शम्भू के लंड को पकड़ चुका था।
उसने मुझे शम्भू के लंड पर धकेल दिया और मेरे पति का लंड मेरी चूत में उतर गया।

समीर- तुम ज्यादा ही आक्रमक हो रहे हो। मैं उसके लंड को अपनी चूत में नहीं लेना चाहती हूं. नहीं … आह्ह।

तो समीर ने मेरी गांड पर थप्पड़ मारा और शम्भू के लंड पर कूदने को कहा।
अब मैं अपनी गांड को अपने पति के लंड पर उछाल रही थी।
जबकि उसका दोस्त मेरे मुंह को बुरी तरह से चोद रहा था।

मुझे अब एक असीम आनंद की अनुभूति हुई जब समीर ने मेरी गांड में उंगली करना शुरू किया।
वो पीछे की ओर झुक गया था और उसका लंड मेरे मुंह में फंसा हुआ था. वो मेरी गांड में उंगली देकर उसको गोल गोल घुमा रहा था।

ये मेरे प्लान का हिस्सा नहीं था मगर मुझे मजा आ रहा था।

मैंने अपनी चूत में एक बहुत तेज आवेग महसूस किया। जब मैं उठने लगी तो मेरी चूत में से एक भर-भरकर पानी का झरना बह निकला।

मैं आनंद में चीख रही थी. मेरे पति का लंड मेरी चूत के पानी में पूरा भीग गया था।

समीर ने मुझे उठा लिया और फिर से शम्भू के लंड पर बैठा दिया। उसने मेरी चूत में उसका लंड डाल दिया और खुद अपना लंड को मेरी गांड में ठूंस दिया और अपना भार मेरे ऊपर डाल दिया।

अब मेरे चूचे शम्भू के मुंह पर दब गये थे। अब हम तीनों सांसों भर गये थे।

मैं- ये तुम क्या कर रहे हो समीर?
समीर- तुम्हारी गांड देखकर मैं पागल हो गया था उसके लिए। तुम्हीं कह रही थी कि कल तुम्हारे पति को कुछ याद नहीं रहने वाला है तो क्यों न आज पूरा मजा लें!!

समीर अब मेरी पसीने से भरी गांड को चोदने लगा।
मैं धीरे धीरे शम्भू के लंड पर हिलने लगी।

हम पसीने से भीग चुके थे और वो गंध हमारी हवस को और ज्याद बढ़ा रही थी।

शम्भू अपनी सुध में नहीं था। उसको इतना मजा दे दिया था कि वो उसे संभाल नहीं पा रहा था।

मगर समीर तेजी से मेरी गांड को चोद रहा था।
मैं आनंद में चीख रही थी.

उसने फिर से मेरे रसीले चूचों को पकड़ लिया और उसको अब मेरी गांड को गहराई तक चोदने के लिए एक सहारा मिल गया था।

कुर्सी पर बैठी हुई मैं दो दो लंड लिये हुए असीम आनंद को महसूस कर रही थी।

मैं- ओह्ह यस … आह्ह … चोदो … आह्ह जोर से … ओह्ह।
जब हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे तो मैंने देखा कि शम्भू की आंखों से आंसूं आने लगे थे।

उसके कुछ पल बाद ही उसके लंड से उसका माल मेरी चूत में निकल कर भरने लगा।

समीर- मैं … (दम फूलते हुए) … आह्ह … आने वाला हूं .. आह्ह … कहां गिरवाना है?
मैं- आह्ह … करो … आह्ह … अंदर ही … मेरी गांड के अंदर ही निकाल दो।

जैसे ही उसके लंड से माल निकलने लगा वो मेरे होंठों को काटने लगा।
उसका गर्म गर्म माल मेरी गांड में गिरने लगा।
वो सोफे पर बैठकर जोर जोर से हांफने लगा।

मैं मुड़ी और मैंने अपनी गांड को शम्भू के मुंह पर लगा दिया। मैंने समीर का गाढ़ा माल शम्भू के होंठों पर निकाल दिया और फिर उसके पूरे चेहरे पर मल दिया।

समीर शम्भू को बेडरूम में ले गया और फिर उसको बेड पर धकेल दिया।

जाने से पहले उसने मुझसे मेरी नाइटी और मेरी थॉन्ग यादगार के तौर पर मांग ली।
मैंने उसको अपने कपड़े दे दिये और नंगी खड़ी रही।

तभी मैंने देखा कि उसके लंड में फिर से तनाव आ रहा था।

समीर- एक दूध का गिलास मुझे पिला दो और मैं तुम्हें फिर से चोद दूंगा।
उसने आंख मारते हुए कहा।

मैं- मुझे लगता है कि हमने शम्भू को चार्ज कर दिया है। अगली बार जब उसकी ऊर्जा दोबारा से कम होगी तो मैं तुम्हें फिर से कॉल करूंगी।

अगली सुबह शम्भू उठा और उसने मेरे लिये कॉफी बनायी।
वो बीती रात की बातें याद करने की कोशिश कर रहा था लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी उसको कुछ याद नहीं आ रहा था।

शम्भू- सॉरी हनी … कल मैंने तुम्हारे साथ बुरा बर्ताव किया। मुझे माफ कर दो।
मैं- और तुम किस बात के लिए माफी मांग रहे हो?
मैंने उसकी याद्दाश्त को परखने के लिए पूछा

वो बोला- मैं कल सुबह तुमसे उखड़ा हुआ था. मैंने तुम्हारी भावनाओं की कद्र नहीं की; उसके लिए सॉरी।
मेरे अंदर की शासिका खुश हो रही थी और मैंने उसकी माफी स्वीकार कर ली।
उसको मैंने शरारत भरी स्माइल दे दी।

फिर हम दोनों की नजर शम्भू के तने हुए लंड पर चली गयी।

फिर एक पतिव्रता नारी की तरह मैंने अपने शॉर्ट्स उतार दिये और मैंने अपनी नंगी गांड को उसके लंड पर रख दिया।
मैं उम्मीद करती हूं कि उसका लंड फिर जल्दी से अपनी ताकत ना खो दे।

फ्रेंड्स, मुझे आशा है कि आप लोगों को मेरी कहानी पढ़ने में मजा आया होगा। मेरे पति और उसके दोस्त के साथ मेरी चुदाई की ये कहानी आपको अच्छी लगी होगी।

मुझे बीडीएसएम में भी इतनी ही रुचि है। आप मुझे कॉल पर या वेबकैम पर मिल सकते हैं। वहां पर हम अपने रोल प्ले के लिए बेहतर ढंग से चर्चा कर सकते हैं।

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