कुंवारी लड़की के बूब्स देखकर मूड बना (Garam Ladki Sex Kahani)

गर्म लड़की सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरे पड़ोस की एक जवान लड़की मेरे साथ पढ़ायी करती थी. एक दिन हम दोनों अकेले थे, मुझे उसके बूब्ज दिख गए तो …

प्यारे दोस्तो, मेरा नाम राज है और मेरी उम्र अभी बाइस वर्ष की है.
मैं उत्तर प्रदेश के फ़िरोजाबाद जिले का रहने वाला हूँ.

मैं काफ़ी समय से अन्तर्वासना साइट पर सेक्स कहानी पढ़ता आ रहा हूँ.

ये मेरी पहली और सच्ची सेक्स कहानी है. मैंने पहले कभी कोई सेक्स कहानी नहीं लिखी है, इसलिए मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो माफ़ कर देना.

यह गर्म लड़की सेक्स कहानी तब की है, जब मैं हायर सेकेंडरी स्कूल की पढ़ाई कर रहा था.
मैंने अभी तक ये सारी सेक्स की बातें सिर्फ़ फ़ोन में देखी थी या फिर पढ़ी थीं. लेकिन अभी तक किसी भी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था.

मेरा मकान दो मंज़िल का है तो हमारी फैमिली नीचे वाले फ्लोर पर रहती है और ऊपर का फ्लोर खाली था.
लेकिन कुछ टाइम बाद एक अंकल मकान की तलाश में आए और मेरे पिताजी ने उनको ऊपर का फ्लोर किराए पर दे दिया.

दूसरे दिन वो अपनी फैमिली के साथ अपना सामान लेकर आ गए.

उनकी फैमिली में चार लोग थे. अंकल, आंटी, उनका एक लड़का … जिसका नाम भूपेंद्र था और एक लड़की जिसका नाम रानी था.

उनका लड़का छोटा था और वो स्कूल की छोटी क्लास में था. जबकि लड़की हायर सेकेंडरी में थी.

धीरे धीरे मेरी उनसे जान पहचान बढ़ी और हमारी फैमिली एक दूसरे में काफ़ी घुल-मिल गए.

रानी एक मदमस्त यौवन से भरी कली थी. उसके बूब्स एकदम नोकदार थे. गांड भी बहुत मस्त मटकती थी. वो गदरायी हुई माल थी.
लेकिन अभी तक मेरे दिमाग़ में उसके लिए कोई ग़लत विचार नहीं आए थे.

अब चूंकि हम दोनों स्कूल में थे, तो हम दोनों साथ मिलकर पढ़ाई कर लेते थे.

एक दिन क्या हुआ कि उसकी मम्मी पापा और उसका छोटा भाई कहीं गए हुए थे और रोज की तरह हम दोनों उसके रूम में बैठ कर पढ़ाई कर रहे थे.

गर्मियों के दिन थे. उस दिन उसने काफ़ी हल्का टॉप पहना हुआ था. वो काफ़ी लूज भी था.

वो मेरे सामने बैठकर सवाल करने के लिए झुकी, तो उसके मम्मे साफ साफ दिखने लगे.

उसने ब्रा नहीं पहनी थी. उसके मम्मों को देखते ही मेरे दिमाग़ में खुराफात आ गयी और मैं रानी के साथ सेक्स की सोचने लगा.

फ़िलहाल मौक़ा भी अच्छा था क्योंकि घर में कोई नहीं था. तो मेरी हिम्मत बढ़ गयी थी.

मैं सवाल बताने के बहाने उसे टच करने लगा. मैं पहले उसके सामने बैठा था, पर अब मैं उसके बराबर में आकर बैठ गया. जैसे ही मैं उसकी बुक पर झुक कर उसे सवाल बताने लगा तो उसके मम्मों से मेरा हाथ टच होने लगा. लेकिन उसने कुछ कहा नहीं, तो मेरी हिम्मत और बढ़ गयी.

मैंने उससे पूछा- तुम्हारा कोई बॉय फ्रैंड है?
उसने कहा- क्या?
मैंने बोला कि क्या सुना नहीं!
उसने कहा- सुना है.

तो मैंने कहा- तो बताओ!
उसने ना का इशारा करते हुए गर्दन हिला दी.

फिर मैंने बोला- कोई मिला नहीं या बनाया नहीं!
उसने बोला- कोई ऐसा मिला ही नहीं, जिससे कुछ सोचा जाए.

मैंने बोला कि अच्छा ऐसा है!
उसने कहा- हां.

फिर मैंने बोला कि अगर कोई तुमको प्रपोज करे तो क्या तुम हां कर दोगी?
उसने कहा कि वो तो लड़के के ऊपर डिपेंड है कि वो कौन है और कैसा लगता है.

मैंने उसे तुरंत ही प्रपोज कर दिया.
वो एकदम से चौंक गयी.

मैंने बोला- अब जवाब दो.
वो बोली- सोचने के लिए तो टाइम दो.

मैंने बोला कि नहीं … आज ही जवाब दो बल्कि अभी ही.
वो थोड़ी देर चुप रही, फिर उसने हां कर दी.

उसके हां करते ही मैंने उसे किस कर दिया.

मेरे किस करते ही वो बोली- ये क्या कर दिया … अभी तो हमने शुरुआत की है … और आज ही तुमने ये कर दिया?
मैंने बोला कि आज नहीं तो कल … ये तो होना ही था. तो मैंने आज ही शुरुआत कर दी.

वो बोली- ह्म्म्म … आगे सिर्फ़ किस ही होगा क्या?
मैंने बोला- ना … अभी तो बहुत कुछ होना बाकी है.
उसने आंख नचाते हुए बोला कि किस आज हो सकता है … तो बहुत कुछ भी आज हो सकता है.

उसका इतना बोलते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और किस करने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगी.

मैंने उसे उसके बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया.
हम दोनों एक दूसरे को ज़ोर ज़ोर से किस करने लगे.

कुछ देर बाद वो बोली- किस से आगे भी बढ़ ना!
मैंने कहा- तुझे बड़ी जल्दी है?

वो बोली- साले इतने दिन से तुझे एप्पल दिखा रही हूँ … तेरा केला खड़ा ही नहीं होता था.
मैंने कहा- हां यार तेरी तरफ मैंने कभी ठीक से देखा ही नहीं था. वो तो आज तेरे बूब्स देखे … तो मूड बन गया.

वो हंस कर बोली- मतलब तू चूतिया है.
मैंने कहा- वो कैसे?

वो बोली- कुछ नहीं इतिहास बाद में बताऊंगी … पहले भूगोल पर काम कर.
मैंने कहा- क्या काम करना है … बोल.
वो मुँह बना कर बोली- साले पैदाइशी चूतिया हो क्या … या अभी बन गए हो! अब काम क्या करना है, ये भी मुझे ही बताना पड़ेगा!

मैं समझ गया कि ये चुदाई के लिए कह रही है. अब मैं भी क्या करूं … अभी तक किसी की चुत चोदी तो थी नहीं, जो एक्सपर्ट हो गया था.

फिर भी उसने मुझे ताव दिला दिया था, तो अब मुझे उसके सामने अपना हुनर दिखाना ही था.

मैंने उसकी चुचियों को उसके टॉप के ऊपर से ही सहलाना शुरू कर दिया … तो वो गर्म होने लगी.
उसके मुँह से मादक आहें और कराहें निकलने लगीं- आह राज … कितना मजा आ रहा है … मेरे बूब्स और जोर से दबाओ न!

मैंने उसके टॉप को कमर से ऊपर उठाया तो वो बिस्तर पर उठ कर बैठ गई.
तब मैंने उसके सर से होकर उसके टॉप को निकाल दिया.

अन्दर उसने ब्रा नहीं पहनी थी तो उसके दूध एकदम गोल और नोकदार खुल कर सामने आ गए थे.

मैंने एक निप्पल को अपनी दो उंगलियों में पकड़ कर खींचा, तो वो सिसिया उठी- उई मम्मी … क्या कर रहा है … ऐसे खींचा जाता है क्या?
इस पर मैंने कहा- अभी क्या है रानी … अभी तो शुरुआत है. आज तेरी इतनी चीखें निकलेंगी कि तू याद करेगी कि राज ने क्या क्या किया था.
वो बोली- तू बोलता बहुत है … करता कम है.

फिर मैंने बिना कुछ बोले उसके एक निप्पल को अपने होंठों में दबाया और चूसना शुरू कर दिया.

उसे मजा आने लगा और वो कहने लगी- आह आह राज पी ले .. आह बड़ी सताती हैं मेरी ये चूचियां.

मैंने बारी बारी से उसके दोनों मम्मों को पीना शुरू कर दिया. उसके मुँह से मदहोशी भरी आवाजें धीरे धीरे तेज होने लगीं.

वो मेरा सर पकड़कर अपने मम्मों में दबाने लगी.

कुछ देर बाद उसने कहा- दूध पीकर ताकत आ गई हो तो आगे के काम की सुध भी ले ले.

वास्तव में मुझे उसकी चूचियों को चूसने में इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि मुझे उसकी चुत का ध्यान ही नहीं रहा.

अब धीरे धीरे मैं उसके पेट और नाभि को चूमता चूसता हुआ नीचे उसकी चूत तक आ गया.

मैंने उसकी टांगें पूरी फैला दीं और उसकी कमसिन चिकनी चूत को सूंघा.

वो बोली- आह क्या कर रहे हो राज … मुझे कुछ हो रहा है.
मैंने कहा- आज ही चमकाई है?

वो बोली- क्या आज ही चमकाई है?
मैंने कहा- अपनी बुर?
वो हंस दी और बोली- हां आज तेरे साथ कुश्ती करने का बहुत मन था.

मैंने उसकी चुत की फांकों में अपनी उंगली फेरी तो वो उछल गई. उसकी चुत की फांकों से रस टपक रहा था.

मैंने अगले ही उसकी कमसिन बुर को अपने मुँह में भर लिया और ज़ोर ज़ोर से पीने लगा.
वो मचल गई और गांड उठाने लगी.

दोस्तो, उसकी नई नवेली चूत का पानी और उसकी महक ने मुझे जन्नत में पहुंचा दिया था.

वो ज़ोर ज़ोर से कह रही थी- आह … राज मेरी चूत को चाट चाट कर लाल कर दो.

उसकी मदहोश आहें और कराहें मुझे और ज़्यादा मदहोश कर रही थीं.

फिर मैंने उससे पूछा- क्या तुम मेरा लंड लेने को तैयार हो?
उसने तुरंत बोल दिया- हां मैं तो कब से चुदने को मरी जा रही थी. आज तुम मेरी चुत को फाड़ ही दो.

मैं समझ रहा था कि ये चुत फाड़ने कि कह जरूर रही है मगर जब मेरा मोटा लंड इसकी चुत की सील फाड़ेगा … तो बुक्का फाड़ कर रोएगी.
क्योंकि मैंने अन्तर्वासना और फ्री सेक्स कहानी पर बहुत सी सीलतोड़ चुदाई की कहानी पढ़ी थीं जिसमें लड़की की चुत की सील टूटती है … तो उसे बहुत दर्द होता है और चुत में से खून भी आता है.
हालांकि मेरा भी पहली बार का मामला था तो मैंने भी मन बना लिया था कि साली की चुत तो चोदनी ही है … अब चाहे ये रोये या हंसे.

अब मैंने अपना लौड़ा उसकी कोमल चूत पर सैट किया और ज़ोर से धक्का दे दिया.
लंड का सुपारा और एक डेढ़ इंच लंड चुत के अन्दर घुस गया.

लंड लेते ही वो बुरी तरह चीखने लगी.
मैं एकदम से डर गया कि इसकी आवाज सुनकर कहीं नीचे से कोई आ ना जाए.

मैंने तुरंत उसके होंठों से अपने होंठ सैट कर दिए और धीरे धीरे धक्के देने लगा.

उसी समय मुझे अपने लंड पर कुछ गीला गीला सा लगा.
मैंने नीचे हाथ करके टटोला और साइड से हाथ को देखा तो मेरी उंगली लाल हो गई थी.
मैं समझ गया कि सील फट गई है और खून निकलने लगा है.

उसकी चूत से खून निकल रहा था लेकिन मैंने उसे कुछ नहीं बताया.
मैं यूँ ही उसकी चुदाई करता रहा.

थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हो गया और वो लड़की सेक्स में मेरा साथ देने लगी.

अब रानी गांड उठा कर कहने लगी- राज आज से मैं तुम्हारी रंडी हो गई हूँ … तुम्हारी जैसे मर्ज़ी हो, उस तरीके से चोद दो.
मैंने धकापेल मचा दी.

कुछ ही देर में उसके जिस्म में एक ऐंठन सी आने लगी.
वो आह आह करती हुई कहने लगी- राज, मुझे कुछ हो रहा है … आह जल्दी जल्दी करो.

मैंने स्पीड बढ़ा दी तो वो एकदम से उठती हुई अकड़ सी गई और झड़ गई.
अगले ही पल वो निढाल हो गई और मेरे सीने पर हाथ लगा कर मुझे रोकने लगी- आह राज अब बस … रुक जाओ.

मैं रुक गया.

मगर मेरा अभी काम बाकी था … तो मैं धीरे धीरे लंड चलाता रहा.
उसकी चुत की रबड़ी से मेरे लंड को काफी आसानी होने लगी थी.

मैं लगा रहा तो एक मिनट बाद वो फिर से चार्ज हो गई और चुदाई का मजा लेने लगी.

मैंने इस बार ताबड़तोड़ लंड पेला और करीब पांच मिनट मैं झड़ने को आ गया.

तभी वो बोली- राज, अन्दर मत निकलना.
मुझे भी अचानक से याद आया कि लंड अन्दर नहीं झाड़ना है.

मैं जब झड़ने को हुआ तो मैंने लंड चुत से खींचा और उसके पेट पर लंड झाड़ दिया.
वो लड़की सेक्स से खुश थी और मुस्कुरा रही थी.

कुछ देर बाद वो उठी और उसने अभी चुत से निकला हुआ खून देखा, तो मेरी तरफ देखने लगी.
मैंने उसे बधाई दी- तुम्हारी सील टूट गई … बधाई हो!

वो हंस दी और मेरे सीने से लग गई.

उस दिन हम दोनों ने तीन बार चुदाई की. इसके बाद जब भी मौक़ा मिलता मैं उसे चोद देता.

दोस्तो, आपको मेरी सच्ची गर्म लड़की सेक्स कहानी कैसी लगी … प्लीज़ मेल जरूर करें.
मेरी ईमेल आईडी है
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